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बाहरी राज्यों से आई धान की गाड़ियों को रोका

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27-गुहला-चीका। मार्केट कमेटी कार्यालय में रोष जाहिर करते हुए किसान। - फोटो : Kaithal
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गुहला-चीका। पिहोवा रोड पर किसानों ने बाहरी राज्यों से आई धान लदी लगभग आधा दर्जन गाड़ियों को रोक लिया। किसानों ने इस मामले में एक वीडियो भी वायरल की है, जिसमें कब्जे में ली गई बिल्टी भी उन्होंने शेयर की है।
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भाकियू एकता उगराहां के जिला प्रधान प्रताप सिंह, जिला उप-प्रधान चरणजीत कौर व भाकियू चढ़ूनी ग्रुप युवा जिला अध्यक्ष हरदीप बदसूई, जिला उप-प्रधान चमकौर सिंह, आईटी सैल महासचिव जरनैल सिंह जैली, कुलविंद्र नंबरदार बदसूई, गुरदीप सिंह, करनैल सिंह, रणबीर सिंह, अवतार सिंह ने बताया कि अक्सर मंडी में किसानों के गेट पास कटे होने की बातें सामने आती थीं। इसके चलते किसानों को सूचनाएं मिलती थी कि बाहरी राज्यों का धान चीका मंडी में लगातार आ रहा है। हरदीप ने कहा कि इस वजह से उनके हकों पर पानी फिर रहा है।
किसानों ने कहा कि कई बार पंजाब स्टेट के बिल काटकर धान चीका में उतार ली जाती है ओर बिल को रफा-दफा कर दिया जाता है। किसानों ने कहा कि इस बार पूरे सीजन में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि पी.आर.किस्म की धान कब तक चीका क्षेत्र में आएगी। इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने कहा कि पता करवाया जा रहा है कि धान पीआर है या बारीक धान। इसके बिल का पता लगाया जाएगा। यदि नियमानुसार खरीद नहीं मिली तो मार्केट कमेटी फीस व जुर्माना वसूला जाएगा।
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उधर, किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में मंडी के बाहर पड़ी धान के गेटपास न मिलने पर मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला जड़ दिया ओर जमकर रोष जाहिर किया। बाद में सचिव के आश्वासन पर किसानों ने अपना रोष खत्म किया।
किसानों ने कहा कि चीका अनाज मंडी के बाहर गिराए गए धान के गेट पास नहीं काटे जा रहे जबकि मंडी से बाहर धान गिराना मजबूरी है। किसानों ने कहा कि उनकी धान को या तो रिकॉर्ड में लिया जाए। अन्यथा किसान मजबूरन बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। किसानों ने इस दौरान कुछ समय तक नारेबाजी की और मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल के आश्वस्त किए जाने के बाद ताला खोल दिया।
धान की खरीद व कटौती के विरोध में किसानों ने मंडी के गेट पर ताला जड़ा
राजौद। असंध रोड पर स्थित अनाज मंडी में किसानों ने गेट को ताला लगाकर करीब घंटे भर प्रदर्शन किया। सूचना पाकर राजौंद थाना प्रभारी रामलाल व मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ ने मौके पहुंचकर समझाकर ताला खुलवाया।
किसान धान खरीद में 55 रुपये की कटौती का विरोध कर रहे थे। उन्होंने सुबह 11 से 12 बजे तक गेट बंद रखकर नारेबाजी की। कहा कि पिछले कई दिनों से वे गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि धान की खरीद में नमी बताकर उसे खरीदा नहीं जा रहा। जो धान खरीदी जा रही है उसमें आढ़तियों द्वारा कच्ची पर्ची बनाकर 55 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि धान का रेट 1960 रुपये है, लेकिन उन्हें आढ़तियों की ओर से 1905 की बात कहकर धान की फसल खरीदी जा रही है।
मंडी गेट को ताला लगाने की सूचना पाकर राजौंद थाना प्रभारी रामलाल व मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ व आढ़तियों को मौके पर बुलाकर किसानों को आश्वासन दिया गया कि जिस भी धान की फसल में झरना लगाया जाएगा उसकी कटौती नहीं की जाएगी। इसके बाद किसानों ने गेट को खोल दिया और चेतावनी दी कि अगर फिर खरीद व कटौती की समस्या हुई तो वे फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण धनखड़ ने बताया कि झरना लगाने की बात को लेकर अनाज मंडी में 14 फार्म मंडी में धान खरीद के लिए आई हुई हैं। सभी को वे झरने लगाने के लिए नोटिस दे चुके हैं, लेकिन दो दुकानों पर न तो झरने मिले और न ही उन दुकानों से उन्हें कोई जवाब दिया है। जिससे उन दोनों फर्मों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। भविष्य में किसानों को किसी तरह की भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अगर फिर भी किसानों को आढ़तियों से कोई परेशानी है तो वह उन्हें कार्यालय में आकर मिल सकते हैं।
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