कैथल। बिना अनुमति के स्वीकृति पदों से अधिक कर्मचारी रखकर 45.19 लाख रुपये अधिक खर्च दिखाने के मामले में जिले के पूर्व सीएमओ सुरेंद्र नैन के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। डीसी प्रदीप दहिया ने बुधवार को पूर्व सीएमओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा है।
वर्ष 2011 में कैथल के तत्कालीन सिविल सर्जन सुरेंद्र नैन ने हरियाणा सरकार की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कैथल के सरकारी अस्पताल में बिना अनुमति के स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी भर्ती कर लिए थे। इनको वेतन देने के लिए आउटसोर्सिंग के बजट हेड से अलग दूसरे बजट हेड से खर्च किया गया। इससे सरकारी खजाने को लगभग 45.19 लाख रुपये की चपत लगी। इस मामले की विभागीय स्तर पर कई बार जांच हुई लेकिन कार्रवाई के लिए फाइल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय का चक्कर काटती रही। इस बात का खुलासा ऑडिट रिपोर्ट में भी हुआ था। वर्ष 2014 में तत्कालीन सिविल सर्जन आदित्य स्वरूप गुप्ता ने भी इस मामले की जांच की थी। वर्ष 2020 में आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल रसूलपुर ने इस मामले की सीएमओ विंडो में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। अब इस मामले में डीसी प्रदीप दहिया ने पूर्व सीएमओ के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए एसपी को पत्र लिखा है। डीसी ने कहा कि पुराने मामले में उन्होंने एसपी कैथल को पत्र लिखकर केस दर्ज कराने के लिए कहा है।