संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डिपो में लगातार आ रही पुरानी खटारा बसों का मामला विधानसभा में पहुंच चुका है। कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने हरियाणा की सरकार और मुख्यमंत्री नायब सैनी पर कैथल रोडवेज डिपो को पुरानी, खटारा बसों का डंपिंग यार्ड बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर कैथल के लोगों के साथ भेदभाव और परिवहन व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने कैथल के रोडवेज डिपो को खटारा बसों का डंपिंग यार्ड बना दिया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। सुरजेवाला ने शुक्रवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री अनिल विज से पुरानी और नई बसों को लेकर सवाल पूछा कि बीते दिनों कैथल में रोडवेज डिपो में कितनी बीएस-6 बसें आई थीं और इनमें से कितनी बसों को कैथल से हटाकर एनसीआर क्षेत्र में भेजा गया।
इस पर उन्हें जवाब दिया गया कि कैथल में 46 बसें आई थीं। इन बसों को कुछ ही सप्ताह के बाद रोहतक, गुरुग्राम, भिवानी व अन्य एनसीआर जिलों में भेज दिया गया था। उनके स्थान पर बीएस-3 व बीएस-4 माडल की 98 पुरानी बसें कैथल में भेज दी गईं। जो अब स्थानीय रूटों पर चल रही हैं। इनमें से कई बसें रोजाना रास्ते में खराब हो रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार कैथल के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी अपनी राजनीतिक रंजिश के चलते कैथल को खटारा बसों का कबाड़खाना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मार्च और मई में डिपो की 24 बसों को जर्जर घोषित किया जा चुका है, फिर भी सरकार ने नई बसें उपलब्ध कराने के बजाय पुरानी बसें भेजकर जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रतिदिन दो से तीन बसें रास्ते में खराब हो रही हैं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब व खटारा बसों से दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।