कलायत। आरोही स्कूल रामगढ़ पांडव में राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक जितेंद्र राठौड़ और आरोही स्कूल ग्योंग में वोकेशनल टीचर के पद पर तैनात प्रीति रानी को राष्ट्रीय शिक्षक गौरव के सम्मान से नवाजा गया। राठौड़ दंपति को ये अवार्ड वर्ष 2022 की उनकी शैक्षणिक और शिक्षणेतर गतिविधियों में उम्दा प्रदर्शन के आधार पर स्वामी आर्यवेश व एससीईआरटी के निदेशक डा. किरणमयी ने दिए।
धर्म प्रतिष्ठान तथा सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में समारोह का आयोजन किया गया था। महर्षि दयानंद सरस्वती जी के 200वें जन्म जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में जलियांवाला बाग के शहीदों को समर्पित राष्ट्रीय शिक्षक गौरव सम्मान
समारोह का आयोजन इंडस पब्लिक स्कूल जींद में किया था।
इस मौके पर जितेंद्र राठौड़ ने बताया कि समारोह में हरियाणा सहित आसपास के राज्यों के लगभग 300 अध्यापकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
आर्य नेता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा आज समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षक को राष्ट्र का कर्णधार बताया। सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद हरियाणा के प्रधान तथा कार्यक्रम के
संयोजक स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि आर्य समाज का आजादी के आंदोलन में विशेष योगदान रहा है। जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद दोबारा आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाने में आर्य संन्यासी स्वामी श्रद्धानंद की विशेष भूमिका निभाई।
एससीईआरटी हरियाणा की निदेशक डा. किरमाई ने कहा कि संस्कारों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है, संस्कार की कमी के कारण ही समाज का ताना-बाना टूटता दिखाई देता है। बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम आर्या ने कहा कि संस्कार के अभाव में ही समाज से संवेदनशीलता समाप्त हो रही है यही कारण है कि आज माता-पिता व बुजुर्गों का सम्मान कम हो रहा है।