सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत सोमवार को पंचायत भवन में पहला अंत्योदय मेला लगाया गया। जिसका शुभारंभ विधायक लीला राम व डीसी प्रदीप दहिया ने किया। दोपहर बाद तक चले मेले में 400 से अधिक परिवारों के लोगों ने पहुंच कर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। इस मेले में तीन दिनों तक पात्र परिवारों की रजिस्ट्रेशन करवाई जाएगी।
19 विभागों द्वारा पंचायत भवन में अलग-अलग स्टॉल लगाए गए। जिसमें कर्मचारियों ने लोगों के फार्म भरवाए। उद्घाटन अवसर पर विधायक लीला राम ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना शुरू की गई है, जिसके माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। इस योजना के तहत सबसे पहले उन गरीब व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है, जिनकी आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है।
उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने अपनी फैमिली आईडी यानि परिवार पहचान पत्र बनवाया है और उसमें आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है, उन परिवारों को चयनित किया गया है। जिले में लगभग 10 हजार परिवारों का अब तक चयनित किया गया है, जबकि अकेले खंड कैथल में चयनित लाभार्थियों की संख्या करीब 1300 हैं। जिन्हें इस मेले में संदेश भेजकर बुलाया गया है।
विधायक लीला राम तथा डीसी प्रदीप दहिया ने सभी स्टॉलों पर जाकर अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया। डीसी प्रदीप दहिया ने विधायक लीला राम का कार्यक्रम में शिरकत करने पर स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा चलाई गई महत्वाकांक्षी अंत्योदय परिवार उत्थान योजना शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य गरीब व्यक्तियों का उत्थान करना है और प्रथम चरण में लगभग 1690 परिवार चयनित किए गए थे और अब दूसरे चरण में 9 हजार 955 परिवार को चयनित किया गया है। इन सभी परिवारों को ग्राम उत्थान मेलों में आमंत्रित किया जा रहा है, जिसकी शुरूआत कैथल खंड से हो चुकी है। 19 विभाग 57 स्कीमों के माध्यम से स्वरोजगार व अपना व्यापार शुरू करने के लिए मछली पालन, बकरी पालन, भैंस पालन व अन्य योजनाओं के साथ जोड़कर लाभ प्रदान किया जाएगा।
इस तरह से दिया गया लाभ-मेले में पहुंचने वाले लोगों को सबसे पहले टोकन काउंटर पर टोकन दिया गया। इसके बाद पांच काउंसलिंग काउंटर के माध्यम से 19 विभागों की 57 योजनाओं की जानकारी दी गई। जिसमें रेडक्रॉस, बाल कल्याण परिषद, एनआरएलएम, महिला विकास निगम, हरियाणा पिछड़ा एवं आर्थिक कमजोर कल्याण निगम, डेयरी विकास, कौशल विकास, एग्रो इंडस्ट्रीज, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम निदेशालय, सीएससी, शहरी निकाय, विकास एवं पंचायत विभाग, रोजगार विभाग, मत्सय पालन, पशुपालन एवं डेयरी, ग्रामीण विकास विभाग, उद्यान विभाग एवं अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी देकर पात्र परिवारों से पूछा गया कि वे किस विभाग की योजना का लाभ लेना चाहते हैं।
इसके बाद चयनित योजना के तहत हाल में संबंधित विभाग के काउंटर पर आवेदन जमा करवाए गए। निकासी पर भी संबंधित व्यक्ति का पूर्ण ब्यौरा दर्ज किया गया। इन सभी मामलों को बैंकों को भेजकर एलडीएम के माध्यम से लोगों को ऋण दिलवाया जाएगा। एसडीएम दिलबाग सिंह, सीटीएम अमित कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप शर्मा, डीआईओ दीपक खुराना, बीडीपीओ सुरेंद्र शर्मा के अलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, हरपाल शर्मा, भाग सिंह खनौदा, रामकुमार नैन, सतीश कुमार, कुशल पाल मौजूद रहे।