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मशीन में आया नाबालिग का हाथ, काटनी पड़ी उंगलियां

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प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते समय एक नाबालिग का हाथ मशीन में आ गया, जिसे आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान किशोर के हाथ ही चार उंगलियां और आधा अंगूठा काटना पड़ा। मामले में नाबालिग के परिजनों ने आरोप लगाया है कि फैक्टरी मालिक ने इलाज व खर्च से बचने के लिए एक निजी चिकित्सक के साथ मिलकर नाबालिग को आजीवन अपाहिज बना दिया है। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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पुलिस को दी शिकायत में पट्टी अफगान निवासी एटलस ने बताया कि उसका नाबालिग बेटा साहिल चंदाना गेट पर अनमोल पॉलिमर प्लास्टिक पाइप-टंकी बनाने की फैक्टरी में लोडिंग अनलोडिंग का काम करता है। इस दौरान फैक्टरी मालिक ने उसे खतरनाक मशीन पर काम करने के लिए लगा दिया, जिसमें उसके बेटे का दायां हाथ आ गया। इसकी जानकारी मिलते ही फैक्ट्री मालिक उसके बेटे को पहले एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टर ने बड़े अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया। इसके बाद दोनों आरोपी उसके बेटे को दूसरे निजी अस्पताल ले गए। तब तक उसके बेटे के साथ हुए हादसे की जानकारी दोनों आरोपियों ने उन्हें नहीं दी। यहां दोनों की जान पहचान होने के चलते डॉक्टर ने भी उसके बेटे साहिल कुमार के दाएं हाथ की चार उंगलियां और आधा अंगूठा काट दिया और टांके भरकर भेज दिया। आरोप है कि उंगली और अंगूठा काटते समय भी उन्हें नहीं बुलाया गया और न ही जानकारी दी गई। इसके बाद वे उसके बेटे को इस बात की जानकारी किसी को देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर घर छोड़ गए। जब वे इस बात को लेकर आरोपी फैक्ट्री मालिकों से मिले तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वे साहिल को लेकर सरकारी अस्पताल में गए तो वहां से बेटे को रेफर कर दिया गया। डॉक्टर ने कहा कि यदि समय रहते आ जाते तो वे कुछ कर पाते। डॉक्टर की राय से पता चला कि आरोपी डॉक्टर सावधानीपूर्वक इलाज करता तो बेटे की उंगलियां बच सकती थीं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी फैक्ट्री मालिक और डाक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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