राजौंद। राजौंद नगरपालिका के चेयरपर्सन पद पर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा कमल खिलाने में कामयाब रहीं। भाजपा की उम्मीदवार बबीता रानी ने जजपा नेता सतविंद्र राणा के समर्थित प्रत्याशी हरिपाल सिंह फौजी को चुनाव में 1111 वोटों से हराया। गौरतलब है कि राजौंद की सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित थी लेकिन भाजपा की राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने पिछड़ा वर्ग के नरेंद्र प्रजापति की अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाली पत्नी पर दांव खेल दिया था।
जिस दांव पर भाजपा कामयाब हुई है। राज्य मंत्री भाजपा चेयरपर्सन उम्मीदवार को जिताने के लिए दिन रात मेहनत की थी। राज्य मंत्री ने डोर टू डोर जाकर उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांग कर सफलता हासिल की है। इससे पहले कमलेश ढांडा ने 2019 में कलायत विधानसभा से चुनाव लडर्क जीत हासिल की थी, लेकिन राजौंद कस्बा से हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया कि अब आगामी चुनाव में राज्यमंत्री की पकड़ मजबूत होगी।
पूर्व विधायक के समर्थित उम्मीदवार हारे
राजौंद नगरपालिका में पूर्व विधायक व जजपा नेता सतविंद्र राणा के समर्थित उम्मीदवार हरिपाल फौजी चुनाव हार गए हैं। सतविंद्र राणा ने जजपा व भाजपा का गठबंधन होने के बाद भी अपना समर्थित प्रत्याशी मैदान में उतारा था लेकिन समर्थित उम्मीदवार को चेयरपर्सन की कुर्सी तक जीता नहीं पाए हैं। उम्मीदवार को सतविंद्र राणा ने अपनी साख दांव पर लगा कर निर्दलीय चुनाव लड़वा था। सतविंद्र राणा राजौंद से दो बार विधायक रह चुके है। दोनों बार सतविंद्र राणा ने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके बाद राजौंद विधानसभा की जगह कलायत विधानसभा बना दिया गया था। 2019 में जजपा की सीट पर कलायत से चुनाव लड़ा था, लेकिन तीसरे नंबर पर रहे थे व राजौंद के शहरी क्षेत्र में पहले स्थान पर थे।