‘मैडम जी, तहसील कार्यालय में काम कराण के फीस तै ज्यादा पीसै लेवैं, अर वे दराज में नहीं डालदे, अपणी पेंट में पांवै, आप इन ज्यादा पीसै लेण आलां का इलाज करो।’ तहसील में चल रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ यह आवाज गांव शिमला के निवासी बसाउ राम ने बुलंद की। बसाउ ने जब यह बात डीसी मैडम के समक्ष रखी तो अन्य लोगों ने भी उसकी शिकायत को जायज ठहराते हुए डीसी से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
इस पर डीसी डा. संगीता तेतरवाल भी तुरंत एक्शन में आईं और उन्होंने मौके पर तहसीलदार को बुलवाया। डीसी ने तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ‘ऐसे लोगों पर सख्ती से नकेल कसी जाए और यदि फिर भी हालात नहीं सुधरे तो इसके लिए आप स्वयं जिम्मेवार होंगे। मौका था मंगलवार को गांव शिमला में ‘प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम का। इसकी अध्यक्षता डीसी डा. संगीता तेतरवाल ने की जबकि विभिन्न विभागों के अफसर भी मौजूद रहे। इस खुले दरबार में जहां गांव के लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। जिन पर तुरंत डीसी ने संज्ञान लिया।
इसी प्रकार गांव के युवा दीपक मोर ने शिकायत करते हुए कहा कि उसके ट्यूबवेल का सीधे कनेक्शन दिया गया है, जिससे करंट लगने का खतरा है। उनकी समस्या पर समाधान के लिए डीसी ने संबंधित विभाग को एक सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर डीसी ने बीडीपीओ को गलियों की साफ-सफाई संबंधी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसी के चलते कुछ ग्रामीणों ने डीसी के समक्ष प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उनके खातों से बिना जानकारी पैसे कटने संबंधी शिकायत की। इस पर डीसी ने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि किसानों को इस बारे में समय पर सूचना दी जानी चाहिए।
इसी प्रकार से गांव के जिले सिंह और अन्य ग्रामीणों ने गंदे पानी की निकासी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गांव में गंदे पानी की निकासी का समुचित इंतजाम नहीं है। इस पर डीसी ने बीडीपीओ को तुरंत समस्या का समाधान करवाने को कहा। इसी दौरान गांव की अंजू मोर ने डीसी से कहा कि ‘मैडम, नालियां बहुत गंदी हैं, सफाई नियमित नहीं हो पाती।’ इस पर डीसी ने बीडीपीओ को गांव में लोगों के सहयोग से विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में डीसी ने अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि वे ग्रामीणों की शिकायतों पर पूरी गंभीरता बरतें। ‘प्रशासन आपके द्वार’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दहलीज और दरवाजे तक लोगों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान करना है। किसी योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति आवेदन करता है और उसमें कोई तकनीकी बाधा है तो संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन करें, ताकि उसे योजना का लाभ मिल सके। इस अवसर पर डीसी ने योग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियाें सोनिका, कश्कि, दिवांशी को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।