कैथल। महिला को बिना बताए एजुकेशन सोसायटी में को-एप्लीकेंट बनाकर पांच आरोपियों ने एक करोड़ पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपियों ने महिला को बताए बिना उक्त राशि का लोन ले लिया और दस्तावेजों पर भी महिला के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
गांव खरक पांडवा निवासी कृष्णा ने कलायत थाने में शिकायत दी कि वह इस समय गीता कॉलोनी गांधी नगर दिल्ली में रहती है। वह एक अनपढ़ औरत है। उसके पति राजबीर व कलायत निवासी अश्वनी कुमार ने चार कनाल जमीन गांव दाता सिंह वाला में स्कूल बनाने के लिए 2023 में ली थी, परंतु स्कूल बनाने पर उनकी कोई सहमति नहीं हो पाई। उस समय आरोपी अश्वनी के पास उसके आधार कार्ड व पैन कार्ड की कॉपी थी। अश्वनी ने अपनी मां कौशल्या, पत्नी रीना देवी, कैलरम निवासी रोहताश व एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर बड़ी धोखाधड़ी की। अश्वनी ने उसे बिना बताए बालाजी एजुकेशन सोसायटी में शामिल कर लिया और उसके हस्ताक्षर अपने आप ही कर लिए। बाद में बालाजी एजुकेशन सोसायटी के नाम से पंजीकरण करवा लिया। इसमें उसे को-एप्लीकेंट बनाकर एक करोड़ पांच लाख रुपये का लोन ले लिया। सोसायटी के दस्तावेजों पर आरोपी अश्वनी ने अपने आप ही उसके हस्ताक्षर कर लिए। आरोपियों ने मिलकर एक फर्जी मॉर्गेज डीड तैयार कर ली और उसके हस्ताक्षर करवा लिए। उसके बाद आरोपियों ने एक सेंक्शन लेटर तैयार किया और संबंधित दस्तावेजों पर उसके बिना बताए उसके हस्ताक्षर कर लिए। ऐसा करके आरोपियों ने एक करोड़ पांच लाख का लोन बालाजी एजुकेशन सोसायटी के नाम से हड़प लिया। एक मार्च 2023 को उसे अपने पते पर एक नोटिस प्राप्त हुआ। उक्त नोटिस अंग्रेजी में लिखा हुआ था। जब उसने उक्त नोटिस को किसी से पढ़वाया तो पता चला कि उसके नाम से हस्ताक्षर करके एक करोड़ पांच लाख का लोन लिया हुआ है। उसने गांव में पता किया तो बहुत सारे नोटिस गांव के पते पर आए हुए थे। उसके पति ने उक्त लोन के बारे में आरोपी अश्वनी से बात की तो आरोपी ने उसके पति को कहा कि नोटिस को फाड़कर फेंक दो। जब उसने दस्तावेजों में हस्ताक्षरों की जांच करवाई तो पता लगा कि हस्ताक्षर फर्जी हैं। ऐसा करके आरोपियों ने लोन लेकर उसके धोखाधड़ी की है। जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।