फोटो-1 जिले के कई गांवों से होकर गुजरने वाला नेशनल हाईवे 152-डी पिछले एक साल से निर्माणाधीन है। इससे जिले में कई लिंक मार्ग प्रभावित हुए हैं। यहां सड़कों पर रोड़े, पत्थर बिखरने से वाहन चालकों व पास के गांव के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि किसानों की भूमि भी दो हिस्सों में बंट गई है। उन्हें भी खेतों में चारा इत्यादि कार्य के लिए जाना दुर्बर हो रहा है।
विदित रहे कि जिले का 50.5 किलोमीटर एरिया एनएच में आता है। जो आठ जिलों में सबसे ज्यादा है। कुरुक्षेत्र-जींद रेलवे लाइन पर पबनावा गांव में रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। सिरसा ब्रांच पर गांव कौल में बड़ा पुल बनेगा। 230 किलोमीटर की दूरी के हाइवे के लिए 1700 हेक्टेयर भूमि अधीग्रहित की गई है। इसके बीच 53 नहर (नदी, रजबाहे, नहर व अन्य जल स्त्रोत) और 14 ड्रेन शामिल हैं। जिले में आठ आरओबी, तीन फ्लाईओवर बनाए जाने है। 85 छोटे अंडरपास (जो छोटे रास्तों की क्रॉसिंग होगी) व 11 बड़े अंडरपास (जो बड़े मार्गों पर सुविधा के लिए) बनाए जाएंगे। तीन बड़े पुल और 23 छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 230 पुलिया को पानी निकासी के लिए तैयार किया जाएगा। अधिकतर जगहों पर फ्लाईओवर बनाए जा चुके हैं। कई जगहों पर निर्माणाधीन है।
जिले के गांव सलेमपुर महदूद, पबनावा, कौल, संगरोली, टयोंठा, खेड़ी सिकंदर, बरसाना, हजवाना, बरसाना, करोड़ा, कलायत के बालू, जुलानी खेड़ा, बडसीकरी, रामगढ़, खरक पांडवा व कलायत, ढांड, चंदलाना, फरल, टयोंठा से होकर निकलेगा।
जिले के गांव बरसाना, टीक, पबनावा सहित अन्य सड़कों पर रोडे व पत्थर बिखरे पड़े हैं। इससे हजारों वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके साथ वाहन चालक भी चोटिल हो चुके हैं। ग्रामीणों रामकिशन, हरिकिशन, महिंद्र, पालाराम, अरुण व विक्रम ने बताया वे रोजाना बरसाना रोड से होते हुए पूंडरी जाते हैं। यहां बीच रास्ते में हाईवे पुल बना रहा है। यहां सड़क के बीचोंबीच रोडे व पत्थर बिखरे हुए हैं।
पीडब्ल्यू विभाग के एक्सईन कुलदीप ने बताया कि जिले में हाईवे से संबंधित मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जिले के अंदर छोटी सड़कों पर दिक्कत है तो पता कराया जाएगा। इसके बाद अपने स्तर पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाने का प्रयास किया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।