संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अपने कार्यालय में उपायुक्त प्रीति ने सोमवार को पानी की निकासी से संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें सभी अधिकारियों को अगले 15 दिन के भीतर मानसून के संदर्भ में सभी तैयारियों को पूरा करने के आदेश जारी किए। इस मौके पर डीसी प्रीति ने कहा कि अधिकारी अपने-अपने विभाग के अधीन आने वाले सभी नालों, ड्रेन व सीवरेज की मानसून के तहत सफाई सुनिश्चित करें।
इसके लिए मनरेगा से मदद ली जानी हो या फिर किन्हीं दो विभागों में आपसी तालमेल बनाकर सफाई करवाई जानी हो, स्वयं पहल करते हुए फैसला लें। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस बार मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि नालों, सीवरेज सहित पानी निकासी से जुड़े सभी माध्यमों की साफ-सफाई समय रहते सुनिश्चित की जाए। इसी के संदर्भ में जिले में दस जून से पहले अधिकारी इस कार्य को पूरा करना सुनिश्चित करवाएं, बारिश के मौसम में जलभराव की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने जिला नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि सभी शहरों में सीवरेज सफाई के लिए विशेष अभियान चलाएं।
उन्होंने कहा कि शहर में सीवरेज व नालों में पॉलीथिन आदि यदि कहीं फंसे हैं तो उनकी सफाई करवाई जाए। पार्काें में बारिश के पानी को भूमि के अंदर डालने के लिए बनाए गए रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को चालू रखें। जहां जरूरत हो, वहां सोख्ता गड्ढे अपनाएं। पिछले सालों में शहरों में कहां-कहां जलभराव हुआ, उन प्वाइंट पर विशेष फोकस किया जाए। समय रहते इसका उपाय ढूंढें।
उपायुक्त ने कहा कि सड़कों आदि में कहीं बड़े गड्ढे हों तो उन्हें भरवाएं। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में आने वाली ड्रेनों व सीवरेज की सफाई सुनिश्चित करवाएं। आला अधिकारी स्वयं इस कार्य की मॉनिटरिंग करें। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनरेगा से हो या अन्य किसी माध्यम से, नियमानुसार सभी ड्रेनों की सफाई समय रहते हो जाए। ताकि बारिश के समय में जलभराव जैसी स्थिति न हो। उन्होंने डिप्टी सीईओ जिला परिषद को निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां अभी से गांव में तालाबों की पानी निकासी करवाएं।
ताकि उनमें बारिश का पानी स्टोर हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत सिंचाई विभाग की ओर से जो मस्टररोल जारी करवाए जाने हैं, वे तुरंत जारी किए जाएं। बिजली निगम के अधिकारी सुनिश्चित करें कि बारिश तूफान आदि की स्थिति से निपटने के लिए संसाधन पर्याप्त हों। सभी अधिकारी आपात स्थिति के लिए अपने-अपने विभाग की टीम को सक्रिय रखें।
जिन गांवों में बारिश के समय में जलभराव की स्थिति होती है, उन गांवों में पहले से ही निकासी के आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें। इस अवसर पर डीएमसी सुशील कुमार, जिला परिषद डिप्टी सीईओ रितु लाठर, डीआरओ चंद्रमोहन, लोकनिर्माण विभाग के एसई नवनीत कुमार, कार्यकारी अभियंता सुरेद्र कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।