कैथल। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए कोरोना के नए वैरिएंट से बचाव की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जिला नागरिक अस्पताल में बने 100 बेड के पोर्टेबल अस्पताल को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ने के लिए विभाग ने 17 लाख 54 हजार रुपये का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर के तहत जहां पोर्टेबल अस्पताल में बनी इंटेसिव केयर यूनिट को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ा जाएगा, वहीं अन्य बेडों पर भी पाइप लाइन के जरिये ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाई जाएगी। इससे जरूरत पड़ने पर अस्पताल में दाखिल मरीजों को ऑक्सीजन की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान पोर्टेबल अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। दूसरी लहर में ही अस्पताल अस्थायी इमारत तो मेडिकैब यूनिट लगाकर तैयार कर दी गई, लेकिन इनमें अन्य सुविधाओं को धीरे-धीरे करके जुटाया गया। अब अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई भी जल्द शुरू हो जाएगी ताकि किसी भी समय इमरजेंसी होती है तो अस्पताल को तुरंत प्रयोग में लाया जा सके।
तीन दिन में 35 हजार टीकाकरण
तीन दिनों में करीब 35 हजार व्यक्तियों को कोरोना का टीका लगाया गया। कोरोना से जिले वासियों के बचाव के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से टीकाकरण किया। 15 और 16 दिसंबर को वैक्सीनेशन के मामले में कैथल जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। ऐसे ही 17 दिसंबर को टीकाकरण में जिला पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। 15 दिसंबर को जिले में 9600 लोगों को वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज दी गई। 16 दिसंबर को 14780 लोगों का टीकाकरण किया गया। वहीं 17 दिसंबर को भी जिले में 10145 व्यक्तियों को कोरोना से बचाव के लिए टीके लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने टीकाकरण के लिए डोर टू डोर अभियान चला रखा है। साथ ही टीमें वंचित लोगों को फोन कॉल के माध्यम से टीकाकरण के लिए जागरूक भी कर रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला ने बताया कि पोर्टेबल अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई जल्द शुरू हो जाएगी। जरूरत पड़ते ही इसे प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का कार्य तेज किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति इससे वंचित न रहे। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि टीकाकरण के कार्य में विभाग का सहयोग करें।