संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। धुंध में सड़क के मोड़ या किनारे पर खड़े वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। वाहनों पर सफर करने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह है कि धुंध में संभल कर गाड़ी चलाएं और स्पीड भी कम रखें।
इस समय धुंध के चलते विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार कई हादसे हो चुके हैं और हो रहे हैं। हैं। ढाबों और होटलों के बाहर वाहन चालक वाहनों को बिना लाइट जलाए खड़े कर देते हैं, ऐसे में पीछे से आ रहे वाहन उनसे टकरा जाते हैं, इससे जानमाल का नुकसान होता है।
लोगों का कहना है कि इन वाहनों की पार्किंग लाइट तक नहीं जलाई जाती, जिससे कई बार एक साथ कई-कई वाहन भिड़ जाते हैं। इसके अलावा गलत दिशा में खड़े वाहनों के कारण भी हादसे ज्यादा होते हैं। ऐसे में गाड़ी चलाने वाले को सावधान रहने की जरूरत होती है।
हालांकि पुलिस ने इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए प्रयास शुरू किया है। सडक़ किनारे खड़े वाहनों को रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को तैनात करने की बात कही है, लेकिन अभी शुरूआत नहीं हुई है। अवैध कटों को भरने के लिए भी पुलिस ने सूचि तैयार की है। ऐसे कटों को भी बंद करवाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
एसपी राजेश कालिया ने कहा कि वाहन चालक सर्दी के मौसम में अपने वाहनों को चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। धुंध के दौरान सड़क के बाएं किनारे को देखकर गाड़ी चलाएं। सुरक्षित चलने का अच्छा तरीका है कि आगे वाले वाहन से गाड़ी निश्चित दूरी पर चलाएं। ढाबे व होटलों के बाहर सड़क के किनारे वाहनों न रोकें। उन्हें पार्किंग में लगाएं। सड़क के किनारे वाहन खड़ा करना पड़े तो लाइट व डिप्पर जलाकर संकेत देते रहें।
ये बरतें सावधानी
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धुंध में वाहन चलाते समय हेडलाइट व इंडीगेटर का इस्तेमाल करें।
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वाहन चलाते समय आगे और पीछे की लाइट जलाकर चलें।
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रिफ्लेक्टर का भी प्रयोग करें। साइड में भी रिफ्लेक्टर लगाएं।
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धुंध के दौरान आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी पर अपना वाहन रखें।
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वाहन को निर्धारित और धीमी गति से ही चलाएं।
n सड़क पर गाड़ी रोकनी पड़ी तो साइड में लगाकर रिफ्लेक्टर जलाकर रखें।