सीएम विंडो में फर्जी संतुष्टि पत्र अपलोड करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस से फर्जी हस्ताक्षर करने के दोषियों पर अब तक एफआईआर दर्ज न करने को लेकर जयपाल रसूलपुर की याचिका पर जवाब मांगा है। मार्केटिंग बोर्ड के कैथल के डीएमईओ से लेकर तत्कालीन पूंडरी चौकी इंचार्ज और जांच अधिकारी सहित अन्य को शामिल किया है।
बता दें की आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल रसूलपुर ने 7 जुलाई 2020 को पूंडरी अनाज मंडी की दुकानों में गैर कानूनी तरीके से संचालन किए जा रहे बैंकों के विरुद्ध सीएम विंडो में एक शिकायत की थी। अधिकारियों ने आनन-फानन में शिकायतकर्ता द्वारा सीएम विंडो पर की गई शिकायत की फर्जी संतुष्टि पत्र के आधार पर अंतिम रिपोर्ट अपलोड कर दी। जिस पर उसके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। विभागीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने पर उसने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर हाई कोर्ट ने मामले की निजता को देखते हुए हरियाणा सरकार सहित पुलिस विभाग व मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों सहित 11 पक्षों को इस केस में नोटिस जारी करते हुए इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। जिसमें आगामी तिथि 8 नवंबर लगी है।