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Haryana: बसें जब्त करने का विरोध, स्कूल संचालकों का तीन दिन हड़ताल पर रहने का एलान

Mon, 15 Apr 2024 12:00 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

आरटीए विभाग से नाराज निजी स्कूल संचालकों ने फैसला लिया है। आज डीसी को ज्ञापन सौंपकर स्कूली बसों की कमियों को पूरा करने के लिए समय मांगेंगे। विभाग पर आरोप लगाया कि छोटी-छोटी बातों पर बसें जब्त की जा रही है।
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बैठक करते निजी स्कूल संचालक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महेंद्रगढ़ जिले में हुई स्कूली बस दुघर्टना के बाद कैथल जिले में भी पिछले तीन से आरटीए विभाग लगातार निजी स्कूलों की बसों की जांच कर रहा है। जांच के तहत पिछले तीन दिन से कई स्कूलों बसों के हजारों रुपये के चालान कर उन्हें जब्त किया गया है।

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इससे निजी स्कूल संचालक आरटीए विभाग से खफा है। इस संबंध में जिले के प्राइवेट स्कूलों की सभी एसोसिएशनों ने रविवार को करनाल रोड स्थित एक निजी होटल में बैठक की। इसमें 150 से अधिक निजी स्कूल संचालक शामिल हुए।

बैठक में आरटीए विभाग की कार्रवाई के विरोध में निजी स्कूल संचालकों ने सोमवार से तीन दिन तक हड़ताल पर जाने का एलान किया। इस दौरान बुधवार तक कोई भी निजी स्कूल न तो बच्चों को स्कूल बुलाएगा और न ही उन्हें पढ़ाएगा।
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निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी वरुण जैन, प्रधान सुरेश, खुशी राम, नराता राम, अतुल शर्मा, जोगेंद्र ने कहा कि महेंद्रगढ़ में हुए हादसे से जिले के सभी निजी स्कूल संचालक स्तब्ध है, लेकिन आरटीए विभाग के अधिकारी छोटी-छोटी बातों पर निजी स्कूल संचालकों को परेशान कर रहे हैं।

वह नियम तोड़ने वालों का समर्थन नहीं करते, लेकिन जहां छोटी कमियां है, वहां पर निजी स्कूल संचालकों को उन्हें दूर करने का समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे डीसी प्रशांत पंवार को सोमवार को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें वे मांग करेंगे कि उन्हें स्कूली बस में कमियों को पूरा करने के लिए 10 दिन का समय जरूर दिया जाए।

वरुण जैन ने बताया कि कुछ स्कूल संचालकों ने नियमों को पूरा करने के लिए बसों को ठीक करवाने के लिए भेजा था लेकिन आरटीए विभाग के अधिकारियों ने पुलिस के माध्यम से इन बसों को कब्जे में ले लिया। इन बसों को ट्रांसपोर्ट नगर और बस स्टैंड की कार्यशाला में भेजा जा रहा है।

प्राइवेट स्कूल संचालकों ने कहा कि जिन बसों का चालान किया है। वे उनका चालान भरने के लिए वे तैयार है, लेकिन वे नहीं दे रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों ने जिला प्रशासन से मांग है कि नियमानुसार ही निजी स्कूल संचालकों की स्कूली बसों के चालान किए जाएं। यदि कोई छोटी कमी है तो उसे दूर करने के लिए समय तो दिया जाए।

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