हरियाणा के कैथल में पूर्व डिप्टी सीएम और जजपा के दुष्यंत चौटाला ने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर कहा कि इस पर दुख होता है लेकिन उनकी पार्टी का राजनीति पहिया घूमता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके परदादा और पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने उन्हें संघर्ष करना सिखाया है। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को शुभकामनाएं भी दीं।
गौरतलब है कि प्रदेश में साढ़े चार साल तक सत्ता की भागीदार रही जननायक जनता पार्टी को इस समय कई नेताओं ने अलविदा कह दिया है। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला मंगलवार देर शाम शहर के सेक्टर 18 स्थित एक समर्थक के कार्यक्रम में पहुंचे थे।
इस मौके पर उन्होंने जिले के कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात के साथ पत्रकारों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा निष्ठा से कार्य करना सीखा है। उन्होंने कहा कि यह चुनावी सीजन है, ऐसे में कोई पुराना कार्यकर्ता पार्टी छोड़ता है, तो नए कार्यकर्ता जुड़ते भी हैं।
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर कहा कि वे तो केवल उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे सकते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले जींद के उपचुनाव में कई कार्यकर्ता गए तो 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव में नए साथी जुड़े भी। आज लोकसभा में कोई छोड़ेगा, आगे विधानसभा में और जुड़ जाएंगे। यह तो राजनीति का पहिया है। उनकी पार्टी विचलित नहीं है, बल्कि मजबूती के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
चौटाला ने कहा कि उनका सभी 10 लोकसभा सीटों पर जनसंपर्क अभियान चल रहा है। जल्द ही विचार-विमर्श कर पार्टी उम्मीदवारों का एलान करेगी। विधायक व उनकी माता नैना चौटाला की ओर से किसानों से माफी मांगने वाले के सवाल के जवाब में दुष्यंत ने कहा आज कोई केरल कर्नाटक बिहार के लोग मेरा विरोध नहीं कर रहे।
कहा कि जब चौ. देवीलाल ने बहादुरगढ का टिकट गलत दे दिया था तो कार्यकर्ताओं ने उनके कुर्ते के बटन भी तोड़ दिए थे। कितने भी विरोध हो जाए, राजनीतिक व्यक्ति भटक नहीं सकता।
विरोध करने वाले किसानों के सवाल पर दुष्यंत चौटाला बोले कि अगर किसी के मन में कोई बात है तो वे उनसे बात करें। कहा कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए प्रदेश के किसानों को सशक्त बनाया है। इस मौके पर सतबीर गोपेरा, जिला प्रधान रणदीप कौल, बलवान कोटड़ा, प्रेम मलिक जाखौली, सुरेश चहल नरड़, जगदीश सहारण, राजू पाई आदि मौजूद रहे।