विधायक ईश्वर सिंह के जजपा से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में शामिल होने के कयास लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होंगे तो बड़े मंच पर समर्थकों के साथ जाएंगे, अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं है।
हरियाणा के कैथल के गुहला आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से जजपा विधायक ईश्वर सिंह ने पार्टी से त्यागपत्र देने के बाद दिल्ली में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा से मुलाकात की है। इसके बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने की एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दूसरी ओर विधायक ने इसे कुमारी सैलजा से पारिवारिक और निजी मुलाकात बताया है। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है।
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विधायक का कहना है कि वे एक पुराने और वरिष्ठ नेता है। ऐसे में जिस भी पार्टी में शामिल होंगे तो बड़े मंच से अपने समर्थकों के साथ जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा के साथ उनके पिछले 20 साल से पारिवारिक संबंध हैं। इस कारण पूरे परिवार के साथ ही सांसद कुमारी सैलजा के साथ चार दिन पहले मुलाकात करने के लिए गए थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले सार्वजनिक रूप से जानकारी दी जाएगी। विदित हो कि लोकसभा चुनाव के समय में उनके सुपुत्र व हरियाणा डेयरी विकास संघ के पूर्व चेयरमैन रणधीर सिंह कांग्रेस में शामिल हुए थे। अब जजपा छोड़ने के बाद उनके पार्टी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही हैं।
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ईश्वर सिंह ने वर्ष-2014 में छोड़ी थी कांग्रेस
गौरतलब है कि ईश्वर सिंह पुराने कांग्रेसी रहे हैं। वर्ष 2014 में चुनाव से पहले वे कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा के सांसद रहे थे। वर्ष 2014 में अपनी पुत्रवधू व चीका नगर पालिका रेखा रानी को निर्दलीय चुनाव लड़ाया था परंतु उस समय वे कांग्रेस में ही थे। इसके बाद वर्ष 2019 में चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस को अलविदा कह जजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें अगले दिन ही जजपा का टिकट मिल गया था और वे विधायक बने थे।