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हरे चारे से भरी ट्रॉलियां लेकर लघु सचिवालय पहुंचे किसान

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02-कैथल। चारे से भरी ट्रालियों को बाहर निकलवाते हुए पुलिस। - फोटो : Kaithal
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फोटो संख्या-1 व 2
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हरे चारे से भरी ट्रॉलियां लेकर लघु सचिवालय पहुंचे किसान
टोका संचालकों को नोटिस मिलने के बाद नहीं हुई चारे की खरीद तो किया प्रदर्शन
नप के ईओ बोले-टोका बंद करने नहीं बल्कि सड़क पर चारे न डालने के लिए दिए गए हैं नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में हरे चारे बेचने वाले टोका संचालकों को प्रशासन की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद बृहस्पतिवार को किसानों के हरे चारे की खरीद नहीं की गई। इससे गुस्साए किसानों ने हरे चारे से भरी ट्रॉलियों को सुबह लघु सचिवालय में ले जाकर खड़ा कर दिया। साथ ही प्रशासन पर रोजगार छीनने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उधर, अधिकारियों का कहना है कि शहर में सड़कों पर पशुओं की समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठाते हुए टोका संचालकों को सड़क पर चारा न डालने के लिए नोटिस दिए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की कई बैठकों में नगर परिषद अफसरों को शहर में चल रहे चारे के टोके बंद करवाने के निर्देश दिए जा चुके थे। डीसी प्रदीप दहिया ने नोटिस जारी करने की भी बात कही। तब नगर परिषद की ओर से शहर में चल रहे 31 टोका संचालकों को सड़क पर चारा न डालने के लिए नोटिस जारी किए गए। दूसरी ओर टोका संचालकों का कहना है कि उन्हें टोके बंद करने के लिए कहा गया है। इस कारण बृहस्पतिवार को टोका संचालकों ने हरे चारे की खरीद नहीं की। इससे गुस्साए किसान अपनी ट्रॉलियां लेकर लघु सचिवालय पहुंच गए।
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सुबह करीब नौ बजे जब अधिकारी व कर्मचारी अपने वाहनों से लघु सचिवालय पहुंचे तो वे बरसीम, मक्की व अन्य हरे चारे से भरी ट्रॉलियां देखकर हैरान रह गए। सूचना मिलने पर थाना सिविल लाइन से पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन किसानों में कई टोका संचालक भी शामिल थे। इसके बाद ईओ कुलदीप मलिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। न ही उन्हें टोका बंद करने का नोटिस जारी किया गया है, बल्कि सड़क पर हरा चारा न डालने के लिए नोटिस दिया गया है, ताकि वहां बेसहारा पशु एकत्रित न हों।
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प्रदर्शनकारी हरपाल, प्रदीप, विक्रम, विक्की, कुलदीप, सुरजीत चहल, वीरेंद्र सहित अन्य ने कहा कि हर रोज 50 से 60 ट्राली हरे चारे की बिक्री शहर में होती है। टोकों से ही हरा चारा खरीद कर लोग पशुओं को डालते हैं और गोशालाओं में ले जाते हैं। कई लोगों की तीन-तीन पीढ़ियां इसी रोजगार के सहारे हैं। यदि टोके बंद हो जाएंगे तो उनके रोजगार का क्या होगा? करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद भी जब किसान लघु सचिावलय से नहीं हटे तो डीएसपी ने उन्हें सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद किसान अपनी ट्रालियों को मौके से लेकर चले गए। इस संबंध में ईओ कुलदीप मलिक ने कहा कि टोका संचालकों को सड़कों पर हरा चारा न डालने के संबंध में नोटिस दिए गए हैं। किसानों को किसी तरह का नोटिस नहीं दिया गया। किसानों को बता दिया गया है कि उनके काम पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। वहीं डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि नियमों की पालन सभी को करना होगा। सड़कों से पशुओं को हटाने का कार्य जनहित में किया जा रहा है। यदि कोई उल्लंघन करते पाया गया तो निश्चित तौर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

01-कैथल। चारे की दुकानें खुलवाने की मांग को लेकर लघु सविलय परिसर में प्रदर्शन के दौरान एकत्रित दूक?- फोटो : Kaithal

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