कैथल। पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग के समर्थन में शहर में रोष मार्च निकाला। जिले के सैकड़ों कर्मचारी अपने परिवार सहित काले वस्त्र पहनकर हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए। इसके बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करनाल रोड से होते हुए शहीद स्मारक पर पहुंचे। इस दौरान कड़ी धूप के बीच कर्मचारियों के बच्चों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला प्रधान सुरेंद्र माजरा ने कहा कि प्रदेश में जल्द पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो संघर्ष समिति विरोध प्रदर्शनों के साथ साथ आगामी चुनावों में गठबंधन सरकार को सत्ता से भी बाहर करने का काम करेगी। माजरा ने कहा कि 20 फरवरी को हरियाणा सरकार और 6 अप्रैल को केंद्र सरकार की ओर से एनपीएस की समीक्षा कमेटी केवल मुद्दे को लंबा खींचने और गुमराह करने का जरिया मात्र है।
सरकार अगर पुरानी पेंशन योजना के मुद्दे पर गंभीर है तो इच्छाशक्ति दिखाते हुए राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पुरानी पेंशन नीति को बहाल करे। वह पहले भी कई बार सरकार को स्पष्ट कर चुके है कि कर्मचारी कोई बीच का रास्ता या एनपीएस में बदलाव नही पूर्ण रूप से पुरानी पेंशन नीति की बहाली चाहता है। किसी बदलाव से मानने वाला नही है। सरकार जहां एक तरफ कमेटी बना रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री और मंत्री पुरानी पेंशन पर बयानबाजी कर मुद्दे को गुमराह करने की कोशिश कर रहे है। इसको लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में ओपीएस बहाल नही हो जाती तब तक पेंशन बहाली संघर्ष समिति का पेंशन आंदोलन जारी रहेगा। इसी कड़ी में 1 जून 2023 से संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल और प्रदेश महासचिव ऋषि नैन के नेतृत्व में नागल चौधरी से ओपीएस संकल्प यात्रा निकलेगी और22 जून को चंडीगढ़ में राज्यपाल को अपना ज्ञापन सौंपेगी। इस अवसर पर करण नैन, ओम प्रकाश, जितेन्द्र करोड़ा, परविंदर कुमार, रमेश डीपी, रामफल शर्मा, पवन कुमार, धीरज, सुरेश सीडा, रोहताश, गुलाब सिंह, पुरषोत्तम, ज्ञान गिल, राजेश सिंहमार, ईश्वर ढांडा, दर्शन सिंह, नाहर सिंह, बलजीत गोपेरा, सुरेंद्र चहल, बलवान छोत आदि मौजूद रहे।