कैथल। गांव से स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय में पढऩे के लिए आने वाली छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। छात्राओं को अब नि:शुल्क बस सेवा मिलेगी। रोडवेज विभाग छात्राओं के लिए अगले सप्ताह से आठ विशेष बसों का संचालन करेगा। चार पिंक बसें पहले से ही चल रही हैं। अगले सप्ताह तक यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।
वर्ष 2014 में सरकार ने स्कूल व कॉलेज की छात्राओं के लिए फ्री बस पास की सुविधा मुहैया करवाई थी। 30 किलोमीटर के एरिया में फ्री बस पास की सुविधाएं छात्राएं प्राप्त कर सकती हैं। ग्रामीण स्तर की छात्राएं सामान्य बसों में सफर करती हैं। इनमें अन्य यात्री भी सफर करते हैं। बसों में भीड़ के कारण धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ता है। इसी का ध्यान में रखते हुए विभाग ने पढ़ाई करने वाली छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं बसों की कमी के कारण कई-कई घंटे बस अड्डा पर बसों के इंतजार में खड़ी रहती हैं। कॉलेजों में भी समय पर नहीं पहुंच पाती है। छात्राओं की इस समस्या को दूर करने के लिए रूट मैप प्लान तैयार किया जा रहा है। अगले सप्ताह तक यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा 1995 में ग्रामीण क्षेत्र के रूटों का निजीकरण कर निजी बसों को परमिट दिए गए थे। इसके बाद रूटों से रोडवेज की बसों को हटा दिया गया था। वहीं घाटे के कारण निजी ऑपरेटरों ने भी रूट बदलने की मांग की थी और पिछले चार सालों से कई रूटों पर बसें बंद हैं।
इन रूटों पर बसें चलाने की योजना
किठाना से कैथल, सीवन से कैथल, राजौंद से कैथल, बालू से कैथल, बलबेहड़ा से कैथल, ढांड से कैथल, कौल से पूंडरी वाया कैथल सहित कई कई रूटों के लिए बसों के संचालन की योजना तैयार की जा रही है। इन बसों के चलने के बाद छात्राओं को आने जाने में दिक्कत नहीं होगी। इससे पहले करोड़ा, कलायत, सांघन व चीका रूट पर चार पिंक बसें चल रही हैं।
अगले सप्ताह तक यह बसें गांव में जाना शुरू हो जाएंगी। पहले भी 30 के करीब गांवों में छात्राओं के लिए स्पेशल बसों को भेजा जा रहा है। छात्राओं के लिए जहां पर रोडवेज की बसें नहीं है, वहां पर रूट मैप प्लान तैयार किया गया है।
-अजय गर्ग रोडवेज महाप्रबंधक, कैथल