कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को पांच साल के कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पीड़िता के पिता ने थाना शहर में केस दर्ज करवाया था। उसने बताया था कि 26 जुलाई 2020 की शाम को पीड़िता के परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो गए। जब लड़की के पिता ने सुबह चार बजे उठकर देखा तो उसकी नाबालिग बेटी चारपाई पर नहीं मिली। उन्होंने उसकी काफी तलाश की पर कुछ पता नहीं चला। उसने शक जताया कि लड़की को महीपाल शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
पुलिस ने महीपाल के खिलाफ केस दर्ज करके चालान अदालत में पेश किया। मामले में कुल 13 गवाहों में से नौ को अदालत में पेश किया गया। चार गवाहों को गैर जरूरी समझ कर अदालत ने नहीं बुलाया। पीड़ित पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जय भगवान गोयल ने की। इससे पूर्व अदालत ने 25 मई को महीनाल को दोषी करार देकर हिरासत में ले लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे पूनम सुनेजा ने महीपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।