संवाद न्यूज एजेंसी
.कैथल/ढांड/सीवन। दीपावली पर कैथल के साथ ढांड आदि में पटाखों की जमकर खरीदारी हुई। ढांड मेन बाजार में पटाखों की बिक्री के 20 से ज्यादा स्टॉल लगे दिखे। इसी प्रकार कैथल की बाजार में भी कई स्टॉलों पर पटाखें बिना किसी रोक-टोक के बिकते दिखे। लोगों ने इनकी खरीदारी की।
जागरूक लोगों का कहना था कि पटाखों की खुली बिक्री से ऐसा लगा कि प्रशासन की ओर से प्रतिबंधित स्थानों पर पटाखों की बिक्री रोकने के लिए कोई प्रबंध नही किया गया था। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बाजार में गश्त लगाती नजर आई लेकिन भीड़ वाले क्षेत्र में पटाखे बेचने वालों पर उनकी नजरें मेहरबान रही।
अनेक दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर सामान पटाखे खुले तौर पर रखे हुए थे जबकि इनके अंदर गोला बारूद होता है। एक छोटी सी चिंगारी गोला बारूद को भस्म करने के साथ आग का भयंकर रूप धारण कर जानमाल का कितना नुकसान कर सकती है, इस बात की किसी परवाह नहीं की।
भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य ने कहा कि अगर किसान खेत में पराली में आग लगाए तो उसके खिलाफ एफआईआर, जुर्माना तथा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाती है, लेकिन पराली से ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ये गोला बारूद बेचने वालों पर सरकार इतनी मेहरबान क्यों है। जबकि किसान तो अन्न पैदा करके देश का पेट भरता है। ये गोला बारूद तैयार कर बेचने वाले देशहित में क्या करते है। आर्य ने दीपावली पर गोला बारूद तैयार करने वालों व बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, सीवन में एक दुकान में आग लग गई। लोगों का कहना है कि सीवन बहुत बड़ा नगर है और अब तो नगरपालिका का दर्जा भी सीवन को मिल चुका है। सीवन में कई राष्ट्रीकृत बैंक हैं, खंड कार्यालय है, थाना है, उपतहसील है, और साथ ही अन्य सरकारी संस्थान है। इसके बावजूद भी सीवन में कोई दमकल विभाग की गाड़ी खड़ी नहीं होती है।
कई बार सीवन के लोग दमकल विभाग की गाड़ी के लिए प्रशासन से मांग कर चुके हैं परंतु नगर में दमकल विभाग की कोई भी गाड़ी खड़ी नहीं होती है। किसी भी आगजनी की घटना होने की सूरत में हमेशा कैथल से ही गाड़ी को बुलवाया जाता है जिसमें समय खराब होता है और नुकसान अधिक होता है। इस घटना में भी यदि सीवन में दमकल विभाग की कोई गाड़ी खड़ी होती तो आग पर जल्द काबू पाया जा सकता था।
मझगईं के चौखड़ा फार्म में गन्ने के खेत में मौजूद वन विभाग की टीम। संवाद
मझगईं के चौखड़ा फार्म में गन्ने के खेत में मौजूद वन विभाग की टीम। संवाद
मझगईं के चौखड़ा फार्म में गन्ने के खेत में मौजूद वन विभाग की टीम। संवाद