संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बिजली निगम के एसडीओ के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सुबह नौ से 11 बजे तक अधिकारी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और अपने विरोध का प्रदर्शन किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार नैन ने किया।
प्रधान सत्यवान लाठर ने कहा कि एसडीओ का रवैया सभी कर्मचारियों के साथ पूरी तरह से तानाशाही है। अधिकारी कर्मचारियों को लगातार परेशान करते आ रहे हैं। महिला कर्मचारियों से भी उनका व्यवहार ठीक नही है। उन्होंने कहा कि इस अधिकारी के खिलाफ कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला है उसके बावजूद भी एसडीओ के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। इसी कारण से कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं। यूनिट सचिव करण नैन ने कहा कि कर्मचारी लगातार तीसरे दिन भी रोष प्रदर्शन कर रहे हैं पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि जब तक उक्त अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं की जाती उनका धरना व रोष प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके लिए यदि उच्च स्तर पर भी धरना व प्रदर्शन करना पड़ा तो कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन की वजह से यदि किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलती है तो उसकी पूरी जिम्मेवारी एसडीओ कलायत व उच्च अधिकारियों की होगी। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता कैथल इकाई के अध्यक्ष राकेश कौशिक ने की। प्रदर्शन में करण नैन, तारिफ धीमान, रोहताश शर्मा, लाइनमैन कमल कुमार, सीटी1 प्रधान गुरकीरत सिंह, शमशेर बैनीवाल, असमेर हांडा, सत्यवान लाठर, जगबीर सिंह सहित सभी महिला व पुरुष कर्मचारी मौजूद रहे। आरोपों पर एसडीओ अंकित कुमार ने कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। एक महिला मेडिकल लीव पर है तो उनकी छुट्टी नोट करवाने के लिए दूसरी को बोला गया था। इस छोटी सी बात को कर्मचारियों ने पहाड़ बना दिया। पूरा मामला एससी के संज्ञान में है और एक्सईएन मामले की जांच करके गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों का रोष प्रदर्शन करना वाजिब नहीं है।