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सम्राट मीहिर भोज प्रतिमा अनावरण विवाद: राजपूत समाज के महाकुंभ में भाजपा के विरोध का लिया फैसला

Wed, 18 Oct 2023 01:28 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

प्रदेश में वर्ष 2024 के चुनावों में भाजपा नेताओं का भी विरोध किया जाएगा। प्रदेश के सभी राजपूत समाज बाहुल्य गांवों में भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 10 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राजपूतों की संसद का आयोजन होगा।  
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मंज पर मौजूद समाज के लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कैथल के सेक्टर 19 के मैदान में सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा अनावरण को लेकर बुधवार को राजपूत समाज ने समाज का महाकुंभ आयोजित किया व क्षत्रिय स्वाभिमान यात्रा निकाली। इस कार्यक्रम में हरियाणा सहित यूपी, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी समाज के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में राजपूत समाज के लोगों में कैथल में कुरुक्षेत्र बाईपास पर लगाई सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर गुर्जर शब्द लिखने पर रोष जताया। इस कार्यक्रम में तहत आयोजित महाकुंभ में भाजपा के विरोध का फैसला लिया। समाज के लोगों ने इसके साथ ही वर्ष 2024 के चुनावों में भाजपा नेताओं के विरोध करने का निर्णय लिया। 

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राजपूत महापंचायत सभा कार्यक्रम में पहुंचे देश-प्रदेश से लोग
वहीं, मंच से प्रदेश के सभी राजपूत समाज के बाहुल्य गांवों में भी प्रवेश नहीं होने देने का एलान किया गया। वक्ताओं ने जानकारी दी कि 10 दिसंबर को दिल्ली में राजपूत समाज की संसद आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर से समाज के लोग पहुंचेगे। गांव फरल और कलायत में धरना स्थगित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल देवेंद्र राणा, विनोद राणा थंबड़ और शेर सिंह राणा ने की। मंच संचालन राजेंद्र सिंह नरुका ने किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर क्षत्रिय समाज के इतिहास से छेडछाड़ करने का आरोप लगाया। वक्ताओं का कहना था कि यदि समय रहते सरकार समाज के लोगों की मांग मान लेती तो उनके इतिहास से कभी छेड़छाड़ न होती। 

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सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
यह बोले मुख्य वक्ता
उत्तर प्रदेश भाकियू अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि सरकार की शह में एक समाज की ने राजपूत समाज के इतिहास को चुराया है। 19 जुलाई को प्रतिमा अनावरण के दौरान समाज के लोगों पर लाठियां चलाई। फिर भी राजपूत समाज ने निहत्थों पर वार नहीं  किया। क्योंकि राजपूत समाज लाठी को हथियार नहीं मानता है। इसलिए उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपना कार्यक्रम किया है। यह केवल एक सांसद और एक विधायक के कहने पर हुआ। यदि सरकार ने महापुरुषों का अपमान किया तो इसे कतई सहन नहीं करेंगे। भाजपा को 2024 में वोट की चोट से जवाब देंगे।

राजपूत समाज के नेता शेर सिंह राणा ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज की प्रमिता पर अंकित नाम के आगे शब्द लिखने का मामला नया नहीं है। कैथल से पहले यूपी और अन्य कई जगहों पर ऐसा किया है। ऐसे में अब कैथल के बाद आगे और किसी भी अन्य जगह पर ऐसा प्रकरण हो सकता है। इसलिए इस समस्या का समाधान करना बेहद जरूरी है।

जदयू के विधायक चेतन आनंद ने कहा कि वह पार्टी में रहकर अपने समाज की बात रकेंगे। भाजपा की सरकार में पिछले लंबे समय से राजपूत समाज के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। अपने इतिहास से छेड़छाड बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी। राजपूतों ने देश के लिए अपने घरानों तक का त्याग किया था। कैथल के समाज के लोगों ने लड़ाई की शुरूआत की है। इसलिए उनका धन्यवाद करते हैं।

राणा पूंजा के 18वें वंशज राणा परिक्षित सोलंकी ने कहा कि एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दो समाज के लोगों को भड़काया गया। क्षत्रिय समाज के इतिहास और हमारी संस्कृति को बचाना है।  

यह रहे मुख्य वक्ता
महाकुंभ में करणी सेना अध्यक्ष महीपाल मकराणा, जदयू विधायक चेतन आनंद, राणा पूंजा के 18वें वंशज राणा परिक्षित सोलंकी, शेर सिंह राणा, पूर्ण चंद और क्षत्रिय सेना गुजरात के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत, क्षत्रिय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह सहित समाज के अन्य नेता मौजूद थे।
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