सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा
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यह बोले मुख्य वक्ता
उत्तर प्रदेश भाकियू अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि सरकार की शह में एक समाज की ने राजपूत समाज के इतिहास को चुराया है। 19 जुलाई को प्रतिमा अनावरण के दौरान समाज के लोगों पर लाठियां चलाई। फिर भी राजपूत समाज ने निहत्थों पर वार नहीं किया। क्योंकि राजपूत समाज लाठी को हथियार नहीं मानता है। इसलिए उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपना कार्यक्रम किया है। यह केवल एक सांसद और एक विधायक के कहने पर हुआ। यदि सरकार ने महापुरुषों का अपमान किया तो इसे कतई सहन नहीं करेंगे। भाजपा को 2024 में वोट की चोट से जवाब देंगे।
राजपूत समाज के नेता शेर सिंह राणा ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज की प्रमिता पर अंकित नाम के आगे शब्द लिखने का मामला नया नहीं है। कैथल से पहले यूपी और अन्य कई जगहों पर ऐसा किया है। ऐसे में अब कैथल के बाद आगे और किसी भी अन्य जगह पर ऐसा प्रकरण हो सकता है। इसलिए इस समस्या का समाधान करना बेहद जरूरी है।
जदयू के विधायक चेतन आनंद ने कहा कि वह पार्टी में रहकर अपने समाज की बात रकेंगे। भाजपा की सरकार में पिछले लंबे समय से राजपूत समाज के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। अपने इतिहास से छेड़छाड बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी। राजपूतों ने देश के लिए अपने घरानों तक का त्याग किया था। कैथल के समाज के लोगों ने लड़ाई की शुरूआत की है। इसलिए उनका धन्यवाद करते हैं।
राणा पूंजा के 18वें वंशज राणा परिक्षित सोलंकी ने कहा कि एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दो समाज के लोगों को भड़काया गया। क्षत्रिय समाज के इतिहास और हमारी संस्कृति को बचाना है।
यह रहे मुख्य वक्ता
महाकुंभ में करणी सेना अध्यक्ष महीपाल मकराणा, जदयू विधायक चेतन आनंद, राणा पूंजा के 18वें वंशज राणा परिक्षित सोलंकी, शेर सिंह राणा, पूर्ण चंद और क्षत्रिय सेना गुजरात के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज सिंह शेखावत, क्षत्रिय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह सहित समाज के अन्य नेता मौजूद थे।