कैथल में मंगलवार को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शहर का मुख्य कार्यक्रम चंदाना गेट स्थित रामलीला मैदान में आयोजित किया गया। यहां पर रावण सहित कुंभकर्ण और मेघनाथ तीन पुतलों का दहन किया। तीनों पुतलों का दहन महज ढाई से तीन मिनट में हो गया। जबकि रावण के पुतला महज 35 सैंकेड में धूं-धूं कर जला।
पुतलों के दहन कार्यक्रम के आयोजन से पहले लंकेश पुलिस की सुरक्षा के साये में रहा। कैथल में 51, सीवन में 55, पूंडरी में 40 और चीका में 50 फीट के रावण के पुतले का दहन किया। पुतला दहन होते ही बुराई का प्रतीक धूं-धूं कर जला। कैथल और पूंडरी में रावण सहित कुंभकर्ण व मेघनाथ का पुतला भी जलाया गया। पुतलों के दहन कार्यक्रम से पहले कैथल शहर में श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब की तरफ से श्री राम सेना और लंकापति राजा रावण की सेना की भव्य झांकी निकाली।
इसके साथ ही भगवान हनुमान का स्वरूप धारण करे युवा भी रामलीला मैदान में पहुंचे। यहां पर स्वरूप धारण करे युवाओं ने पुतलों का सोटा मारा। फिर राम व रावण की सेना में युद्ध हुआ। वहीं, रामलीला मैदान के बाहर सैंकड़ों दुकानें सजाई गई थी। जहां पर महिलाओं और बच्चों ने कार्यक्रम खत्म होने से पहले जमकर खरीदारी भी की। पिछले वर्ष की घटना को लेकर इस बार ड्रोन के माध्यम से पुतलों की सुरक्षा को लेकर निगरानी की। पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्वयं डीएसपी उमेद सहित ने स्थिति को संभाला। उनके साथ सिटी थाना और सिविल लाइन थाना प्रभारी मौके पर मौजूद थे। दहन कार्यक्रम में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत, नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग, कुरुक्षेत्र की पूर्व सांसद कैलाशो सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
लोगों ने 200 फीट की दूरी से देखा
रावण दहन कार्यक्रम के तहत जिला व पुलिस प्रशासन की तरफ से कड़े प्रबंध किए गए थे। इसके तहत लोगों ने पुतलों का दहन कार्यक्रम 200 फीट की दूरी से देखा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के150 से अधिक कर्मचारी रावण दहन के समय मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा दो दमकल विभाग की गाड़ी और दो एंबुलेंस भी तैनात की गई। रावण दहन कार्यक्रम को लेकर कैथल दशहरा उत्सव समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। कैथल दशहरा उत्सव समिति के प्रधान संदीप ने बताया कि समिति की ओर से इस वर्ष पांचवीं बार रावण का दहन किया। इस अवसर पर प्रधान संदीप, शशी, रजत थरेजा, अभिषेक गोयल, संकल्प खुराना, विजय, प्रदीप, सरेंद्र व उदित मौजूद रहे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब 45 मिनट तक बनी रही जाम की स्थिति
चंदाना गेट स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब 45 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। चंदाना गेट से लेकर रेलवे गेट, प्रताप गेट, डोगरा गेट, भगत सिंह चौक सहित अन्य रास्तों पर अधिक भीड़ होने के चलते काफी भीड़ उमड़ी रही। इस भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस कर्मी भी काफी मशक्कत करते हुए दिखाई दिए।
यमुनानगर में जला रावण का कुनबा
यमुनानगर के दशहरा ग्राउंड में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। दशहरा ग्राउंड में रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतला का दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा रहे। इसके अलावा जगाधरी वर्कशॉप के रेलवे ग्राउंड, तेजली खेल परिसर, शहर के सिटी सेंटर व बिलासपुर में राजकीय स्कूल के ग्राउंड में रावण के पुत्रों का दहन किया गया।
सीवन में इस बार 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया
सीवन के दशहरा मैदान में दशहरा मेला का आयोजन किया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व पर लोगों में उत्साह देखने को मिला। दशहरा ग्राउंड सीवन में श्री बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब की ओर से इस बार 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। सबसे पहले नगर में प्रभु श्री राम की शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा के बाद दशहरा मेला में रामा दल व रावण दल के बीच युद्ध हुआ जिसमें श्री राम ने रावण को मार गिराया।
दशहरा मेला के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पूर्व विधायक बूटा सिंह ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र हंस ने की और मंचसंचालन मांगे राम शर्मा ने किया। बूटा सिंह ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। हमें दशहरा पर अपने अन्दर के रावण को भी खत्म करना चाहिए और प्रण लेना चाहिए कि हम अपने समाज और देश के लिए कुछ करेंगे। बुराईयों के खात्मे से ही आगे बढ़ा जा सकता है।
अभी भी हमारे देश में भ्रष्टाचार, सामाजिक बुराईयां और ऐसे ही बहुत से रावण हैं जिनका खात्मा आवश्यक है। आज भी समाज में बहुत से रावण है हमें उन्हें पहचानना है। उन्होंने दशहरा मेला के आयोजकों का धन्यवाद किया। क्लब के प्रधान आजाद सुरेश सैनी ने बताया कि रावण के इस पुतले को तैयार करने के लिए 150 बांस, 40 किलोग्राम मैदा, 60 किलोग्राम अखबार की रद्दी, रंगीन कागज, काले कागज व आतिशबाजी के लिए 500 से अधिक पटाखों का इस्तेमाल किया गया है।
इसके अलावा रावण के हाथ और सिर में विभिन्न रंगों की रोशनी लगाई गई है, जो लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। रावण के इस पुतले को श्री बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब द्वारा 8 दिनों में तैयार किया गया। इस मौके पर गज्जन सिंह गोबिन्दपुरा, बलविन्द्र सिंह प्रभावत, सोनू सैनी, पवन शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, शेखर राणा, चेतन शर्मा, बलराम स्नेही, पाली सैनी, सुरेश सैनी, प्रवीन हंस, जोगिंद्र शर्मा, दिनेश गौतम, विनोद गौतम, रितिक शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।