कैथल। जिले में मानसून की पहली बारिश के बाद बिजली की मांग में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। तापमान में गिरावट और उमस कम होने से एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग घटा है जिसका सीधा असर बिजली खपत पर दिखाई दिया। चार दिन पहले जहां जिले की प्रतिदिन बिजली खपत रिकॉर्ड 1 करोड़ 88 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह घटकर करीब 1 करोड़ 25 लाख यूनिट रह गई है।
बिजली मांग कम होने से आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार आया है और बिजली कटौती के मामलों में कमी दर्ज की गई है। बारिश से पहले अत्यधिक बिजली मांग और ओवरलोड के कारण बिजली निगम के पास प्रतिदिन 500 से अधिक शिकायतें पहुंच रही थीं। इनमें ट्रिपिंग, फाल्ट, ट्रांसफार्मर खराब होने और लो-वोल्टेज जैसी समस्याएं प्रमुख थीं। वहीं शुक्रवार को निगम के पास करीब 200 शिकायतें ही दर्ज हुईं। अधिकारियों का कहना है कि बिजली की मांग कम होने से फीडरों और ट्रांसफार्मरों पर दबाव घटा है जिससे आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक सुचारु बनी हुई है।
-
गर्मी के दिनों में बढ़ गई थी चुनौती
पिछले दिनों भीषण गर्मी और उमसभरे मौसम के कारण बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही थी। लगातार बढ़ती खपत के कारण कई स्थानों पर फीडरों पर ओवरलोड की स्थिति बन गई थी। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती करनी पड़ी, जबकि तकनीकी खराबियों की घटनाएं भी बढ़ गई थीं।
3.74 लाख उपभोक्ताओं को दी जा रही बिजली
बिजली निगम के अनुसार जिले में करीब 3 लाख 74 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। कैथल, गुहला, सीवन, कलायत, राजौंद, ढांड और पूंडरी ब्लॉक के कुल 293 गांव बिजली नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इनमें से 284 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जब बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाती है, तब इस व्यवस्था को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। फिलहाल मांग में आई कमी से आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है और निगम का प्रयास है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।
मौसम के अनुकूलन बिजली की खपत होती है। पिछले दो दिनों से खपत में कमी आई है। शुक्रवार को 1.25 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हुई है। - सोमबीर भालोठिया, एसई, बिजली निगम