फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: पढ़ाई की दक्षता जांचेंगे डाइट प्राचार्य

Wed, 20 Nov 2024 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की मुहिम अब जिलों से शुरू होगी। प्रत्येक जिले में मौजूदा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) को इसका जिम्मा सौंपा गया है, जो न सिर्फ जिले के प्रत्येक स्कूल के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे, बल्कि प्रदर्शन मानक से खराब होने पर वह उन स्कूलों के संबंधित विषय के शिक्षकों को नए सिरे से प्रशिक्षण भी देगा।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने सभी डाइट प्राचार्य, बीआसी व एबीआरसी आदि को स्कूलों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं जिसके लिए उन्हें टारगेट दिया गया है। इस दौरान उक्त अधिकारी पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की पढ़ने-लिखने की दक्षता जांचेंगे और उनमें सुधार के टिप्स देंगे।
विज्ञापन


दो भागों में होगी मेंटरिंग : एफएलएन मेंटरिंग : सभी एबीआरसी और बीआरपी के लिए कक्षा पहली से तीसरी में भौतिक रूप से दौरा कर स्कूलों और कक्षाओं में निरीक्षण किया जाएगा। विजिट फॉर्म निपुण मेंटर ऐप के माध्यम से भरे जाएंगे।

प्राथमिक परामर्श : सभी डाइट, एबीआरसी, बीआरसी के लिए कक्षा चौथी से आठवीं में भौतिक रूप से दौरा कर स्कूलों और कक्षाओं का निरीक्षण किया जाएगा। समीक्षा ऐप के माध्यम से विजिट फॉर्म भरे जाएंगे।

इस प्रकार रहेगा शेड्यूल : एफएलएन मेंटरिंग : इसमें सभी सभी एबीआरसीएस एवं बीआरपी के लिए कक्षा पहली से तीसरी के लिए कम से कम छह स्कूल विजिट और ग्रेड 1-3 के लिए कम से कम 15 अद्वितीय कक्षा भ्रमण का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, सभी एफएलएन समन्वयक के लिए कक्षा पहली से तीसरी के लिए कम से कम पांच स्कूल विजिट और ग्रेड 1-3 के लिए कम से कम 10 अद्वितीय कक्षा भ्रमण का लक्ष्य दिया गया है।
विज्ञापन


प्राथमिक परामर्श : सभी डाइट, एबीआरसी, बीआरसी के लिए, कक्षा 4-8 में भौतिक रूप से दौरा किया जाएगा। इसके लिए डाइट प्राचार्य को ग्रेड 4-5 के लिए कम से कम एक स्कूल विजिट, दो क्लास विजिट तथा ग्रेड 6-8 के लिए दो स्कूल विजिट, छह क्लास विजिट का लक्ष्य दिया गया है। सभी सक्षम सहयोगी को ग्रेड 4-5 के लिए कम से कम एक स्कूल विजिट, दो क्लास विजिट छह क्लास विजिट का लक्ष्य दिया गया है।

प्रशिक्षकों को इन बातों का रखना होगा ध्यान


n उड़ान कक्षाओं का संचालन (उड़ान कक्षा में कम से कम 1-3 स्कूलों का दौरा किया जाना चाहिए)

n उड़ान कक्षाओं में ई-टीएलएम का उपयोग।

n
टीएलसी इन्फोग्राफिक चिपकाने का अनुपालन।

n
टीएलसी का अनुपालन।

n
शिक्षक सॉफ्ट स्किल्स।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें