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पापियों को भी मोक्ष दे सकती है शिवभक्ति : पं. विशाल

Mon, 14 Jul 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर की हनुमान वाटिका स्थित शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा का रविवार को तीसरा दिन था। कथा प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसका समापन 23 जुलाई को होगा।

रविवार को मुख्य पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने भक्तों को गुणनिधि प्रसंग सुनाया — एक ऐसी कथा जो बताती है कि कैसे सच्चे मन से की गई शिव भक्ति पापियों को भी मोक्ष का मार्ग प्रदान कर सकती है।
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पं. विशाल शर्मा ने बताया कि प्राचीन काल में गुणनिधि नामक एक ब्राह्मण बालक था, जो बचपन से ही अधार्मिक, पापी और दुष्कर्मी स्वभाव का था। वह चोरी, झूठ, जुआ और शराब जैसे दुष्कर्मों में लिप्त रहता था। उसके पिता एक सच्चे शिव भक्त थे, लेकिन पुत्र की प्रवृत्तियों से दुखी होकर उन्होंने उसे घर से निकाल दिया।

भूख-प्यास से व्याकुल, गुणनिधि एक दिन भटकता हुआ एक शिव मंदिर तक आ पहुंचा। रात हो चुकी थी और उसे रुकने का कोई स्थान नहीं मिला, तो वह मंदिर में ही ठहर गया।

जब रात्रि में मंदिर का दीपक बुझ गया, तो उसने बिना किसी भक्ति-भाव के केवल सेवा की भावना से अपनी कमीज का टुकड़ा फाड़कर उसे दीपक में डाल दिया ताकि दीप पुनः जल सके और शिवलिंग पर प्रकाश बना रहे। उसे इस सेवा का कोई ज्ञान नहीं था, न ही उसके मन में विशेष श्रद्धा थी, परंतु उसने निस्वार्थ भाव से यह कार्य किया।

उस रात जब उसकी मृत्यु हुई, तो यमदूत उसे लेने आए। लेकिन तभी शिवगण वहां प्रकट हुए और यमदूतों को रोकते हुए बोले— “इसने अनजाने में भी भगवान शिव की सेवा की है, अतः यह उद्धार का अधिकारी है।” शिवगण उसे शिवलोक ले गए और भगवान शिव ने उसे मोक्ष प्रदान किया।

पं. शर्मा ने बताया कि यह प्रसंग यह सिखाता है कि भक्ति का कोई नियम, समय या औपचारिकता नहीं होती। भगवान शिव केवल भाव के भूखे हैं, और जिसने भी सच्चे हृदय से, चाहे अनजाने में ही सही, उनकी सेवा की है, वह शिवकृपा का पात्र बन जाता है।

उन्होंने कहा कि गुणनिधि की कथा हर भक्त को यह विश्वास देती है कि भगवान शिव की भक्ति से कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी पापी क्यों न रहा हो, उद्धार पा सकता है।
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इस अवसर पर बलवंत, रिंकू, योगेश, लक्की, बोती, धन्नो देवी, कमला, नरेश, प्रवीन, सुरेश, रमेश, अनिल, धर्मेंद्र आदि श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे।

सावन का पहला सोमवार आज

कैथल। सावन के पहले सोमवार को मंदिरों और शिवालयों में भक्त जुटेंगे। सुबह से ही भोलेनाथ के भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन-अर्चना के लिए कतारों में लगेंगे। मंदिरों में शृंगार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को फूल-मालाओं, भस्म व बेलपत्र से सजाया गया है। भक्ति गीतों व मंत्रोच्चार से वातावरण शिवमय रहेगा। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। संवाद
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