हरियाणा में कैथल जिला पुलिस ने नशे पर अंकुश लगाने के लिए एक तस्कर की 83.22 लाख रुपये की संपत्ति को केस से अटैच कर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नशे संबंधी केस में संपत्ति को अटैच करने का यह जिले में पहला मामला है।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत जिला कैथल के गांव दाबन खेड़ी थाना गुहला निवासी आरोपी गुरमेज उर्फ गुरमेल उर्फ गेजा की चल-अचल संपत्ति को अटैच करने संबंधी उक्त आदेश पारित किया गया है। इससे पहले पुलिस जांच में सामने आया कि नशे की कमाई से यह संपत्ति अर्जित की गई थी।
पुलिस ने सक्षम अधिकारी से नशा तस्कर गुरमेज सहित उनके परिजनों की 83 लाख 22 हजार 337 रुपये की संपत्ति को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। अथॉरिटी ने आरोपी की 83 लाख 22 हजार 337 रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच कर दिया है। आदेशों के अनुसार, अब आरोपी तस्कर अपनी संपत्ति किसी को नहीं बेच पाएगा और न ही किसी को हस्तांतरित कर सकता है।
पांच मामले दर्ज, एक मामले में हो चुकी है सजा
नशा तस्कर आरोपी गुरमेज के खिलाफ जिला कैथल के थाना गुहला में दो मामले, फतेहाबाद के थाना सदर टोहाना में एक मामला, भिवानी के थाना तोशाम में एक मामला तथा पंजाब राज्य के पटियाला के थाना समाना में एक मामला दर्ज है। आरोपी गुरमेज को जिला फतेहाबाद के थाना सदर में 29 अगस्त 2002 को दर्ज केस में 160 किलो चूरापोस्त रखने के मामले में न्यायालय द्वारा 10 साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना किया चुका है। उपरोक्त जानकारी देते हुए एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि वर्ष 2020 के थाना गुहला में दर्ज मामले में 226 किलो 800 ग्राम चूरापोस्त बरामद मामले में भी आरोपी गुरमेज नामजद है।
अन्य नशा तस्करों पर भी पुलिस का शिकंजा
एक नशा तस्कर की संपत्ति अटैच होने के बाद पांच अन्य तस्करों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। एसपी के निर्देश पर आरोपियों की जांच की जा रही है। एसपी मकसूद अहमद ने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करगी। उन्होंने यह भी कहा की कुछ नशे के सौदागरों द्वारा अर्जित की गई संपत्ति का पता कर लिया गया है जिनकी संपत्ति भी शीघ्र ही जब्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएसपी सुनील व इंस्पेक्टर शिव कुमार को संपत्ति अटैच करने के लिए बनाई गई कमेटी का प्रमुख बनाया गया है।