हरियाणा के कैथल में विजिलेंस ने जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में कार्यरत लिपिक को रंगे हाथों 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा है। आरोपी लिपिक ने एक अध्यापिका की इंक्रीमेंट लगाने की एवज में पति से यह रिश्वत मांगी थी। इंक्रीमेंट की फाइल में कुछ आपत्ति लगी थी। आरोप है कि फाइल की सही रिपोर्ट बनाने को लेकर उससे रिश्वत मांगी थी।
बता दें कि अध्यापिका रजनी मलिकपुर गांव के राजकीय स्कूल में ड्राइंग अध्यापक के तौर पर कार्यरत हैं। उसके पति भाणा निवासी मोहन से कार्यालय में कार्यरत बालू निवासी लिपिक रमेश कुमार ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद मोहन ने बुधवार सुबह के समय ही विजिलेंस को सूचना दे दी थी। फिर शाम करीब साढ़े पांच बजे शिक्षा विभाग के कार्यालय के बाहर 20 हजार की रिश्वत दी। मौके पर ही कैथल की विजिलेंस की टीम ने आरोपी रमेश को रुपयों के साथ पकड़ा।
भाणा गांव निवासी मोहन ने बताया कि उसकी पत्नी वर्ष 2004 से सरकारी अध्यापक है। इस समय उसकी पत्नी मलिकपुर के राजकीय उच्च विद्यालय में कार्यरत है। उसकी इंक्रीमेंट की फाइल में पिछले करीब पांच साल से आपत्ति लगी है। जिस कारण उसकी पत्नी का इंक्रीमेंट नहीं लग पाया है। यह फाइल इस समय लिपिक रमेश के पास थी।
शिकायतकर्ता भाणा निवासी मोहन
रमेश से बातचीत हुई तो उसने इस फाइल आपत्ति हटाने पर पहले 20 हजार रुपये की मांग की। कहा कि पहले 20 हजार रुपये दे दो। इसके बाद बाकी हिसाब-किताब बाद में कर लेंगे। इसके बाद उसने मंगलवार शाम के समय विजिलेंस को जानकारी दी थी। इसके बाद सुबह के समय विजिलेंस को जानकारी दी। लिपिक के साथ बात होने के बाद उसने कार्यालय के बाहर बुलाया। इसके बाद उसने 20 हजार रुपये दिए। मौके पर विजिलेंस ने उसे पकड़ लिया।
इस मामले में विजिलेंस के जिला प्रभारी उपनिरीक्षक सूबे सिंह ने बताया कि भाणा गांव के मोहन की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक रमेश कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।