हरियाणा के कैथल में 20 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगेहाथों पकड़े गए शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक रमेश कुमार को वीरवार को न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्याययिक हिरासत में भेज दिया गया है।
लिपिक रमेश ने शिक्षिका के पति से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद ही 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने उसे गिरफ्तार किया है। लिपिक रमेश के खिलाफ विजिलेंस ने अंबाला थाना में केस भी दर्ज कर लिया था। हालांकि इस लिपिक के खिलाफ मौलिक शिक्षा विभाग की तरफ से कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की है।
शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक रमेश कुमार पिछले पांच साल से शिक्षिका की फाइल में लगी आपत्ति को ठीक नहीं कर रहा था। इसी कारण से ही उसकी एसीपी नहीं लग पा रही थी। इसके बाद शिक्षिका का पति भाणा निवासी परेशान हो चुका था। इसके बाद ही उसने लिपिक को आखिरकार रिश्वत दी थी। रिश्वत देने के बाद ही रमेश कुमार पकड़ में आया था। अंबाला में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दी गई शिकायत के अनुसार लिपिक रमेश कुमार ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, लेकिन मौके पर पहले उसने 20 हजार रुपये की मांग की थी। इसके बाद शिक्षिका के पति मोहन ने उसे 20 हजार रुपये की रिश्वत दी थी।
यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक रमेश ने मलिकपुर गांव के सरकारी स्कूल में कार्यरत ड्राइंग अध्यापिका रजनी की एसीपी की फाइल से आपत्ति हटाने की एवज में उसके भाणा निवासी पति मोहन से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद विजिलेंस ने आरोपी लिपिक रमेश कुमार को शिक्षा विभाग के कार्यालय के बाहर कार में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। विजिलेंस के जिला प्रभारी सूबे सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी लिपिक रमेश कुमार को वीरवार को न्यायालय में पेश किया गया है। उसे न्यायालय ने 14 दिन के लिए जेल भेेज दिया है।