एफआईआर में से नाम हटवाने की एवज में रुपये मांगने के आरोप में भागल चौकी प्रभारी व जांच अधिकारी फंस गए। शिकायतकर्ता से 70 हजार रुपये मांगे थे, 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े हैं।
खाकी एक बार फिर से दागदार हुई है। इस बार गुहला चीका स्थित भागल चौकी प्रभारी बलविंद्र सिंह व एक एएसआई एवं जांच अधिकारी हरपाल सिंह को एंटी करप्शन ब्यूरो कुरुक्षेत्र की टीम ने रिश्वत लेते मंगलवार को रंगेहाथों गिरफ्तार किया। पुलिस कर्मियों पर एफआईआर में से नाम हटाने की एवज में रुपये मांगने का आरोप है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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भागल निवासी संदीप सिंह का गांव के एक अन्य व्यक्ति से झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में दूसरे पक्ष ने संदीप सिंह के बच्चों के नाम मामला दर्ज करवाया था। आरोप है कि इन्हीं बच्चों का नाम केस में से निकालने के लिए भागल चौकी प्रभारी बलविंद्र सिंह ने संदीप सिंह से 70 हजार रुपये की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार संदीप सिंह इस मामले में पहले ही 60 हजार रुपये चौंकी प्रभारी बलविंद्र सिंह को दे चुका था, लेकिन वह 10 हजार रुपये बकाया की मांग कर रहा था। इस पर संदीप सिंह ने इस मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो कुरुक्षेत्र के एसपी को दी, जिसके बाद एसपी ने इंस्पेक्टर रामफल के नेतृत्व में टीम का गठन किया।
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टीम ने सुनियोजित ढंग से नोटों पर रंग लगाकर 10 हजार रुपये की राशि संदीप को देकर भागल चौकी भेज दिया। वहां उसने रुपये चौकी प्रभारी बलविंद्र सिंह व हरपाल सिंह को सौंपे, तभी एसीबी की टीम वहां पहुंच गई और उन्हें रंगे हाथों काबू कर लिया। टीम ने आरोपी पुलिस कर्मचारियों के मौके पर ही हाथ धुलवाए तो वे लाल हो गए। इसके बाद दोनों आरोपियों को काबू कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
भागल चौकी प्रभारी के रिश्वत मांगने के संबंध में शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो कुरुक्षेत्र के एसपी को शिकायत की थी। एसपी के निर्देशों पर गठित टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों काबू किया है। यह पूरी कार्रवाई गवाहों के समक्ष पूरी पारदर्शिता बरतते हुए निष्पक्ष रूप से की गई है। - रामफल, इंस्पेक्टर, एसीबी, कुरुक्षेत्र।