वह हर रोज शाम को शराब पीकर घर आता है। घर आकर वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ झगड़ा करता है। शराब पीने का विरोध रोकने पर वह पत्नी और बच्चों को जान से मारने की धमकी देता रहता था। 12 अगस्त की रात 9 बजे उसका देवर अंग्रेज पशुओं की चमड़ी उतारने वाली छुरी लेकर आया।
कृष्णा तीनों बच्चों के साथ कमरे में बैठी थी। इस दौरान उसके देवर अंग्रेज ने कमरे में जाते ही पत्नी और बच्चों के साथ झगड़ा शुरू करना शुरू कर दिया। झगड़े का शोर सुनकर वह भी कमरे के अंदर पहुंचीं और झगड़ा शांत कराने का प्रयास किया लेकिन अंग्रेज ने हाथ में ली छुरी से कृष्णा के शरीर पर कई वार किए।
इसके बाद दीपक और गोल्डी ने बीच बचाव का प्रयास किया तो अंग्रेज ने उन पर छुरी से वार किए। पेट में छुरी लगने से कृष्णा नीचे गिर गई और दोनों लड़के भी चारपाई पर गिर गए। झगड़े को देखकर बेटी सुनैना डर के मारे चिलाते हुए कमरे से बाहर गली में भाग गई और शोर मचाना शुरू कर दिया।
पड़ोसी समंद्र, संजय, अमित मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी अंग्रेज छुरी हाथ में लेकर मौके से भाग गया। जैसे ही पड़ोसियों की मदद से कृष्णा को संभाला तो तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घायल बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते पीजीआई रेफर कर दिया।
इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम परिजनों को सौंप दिया। डीएसपी कुलवंत सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।