कैथल के गांव सौंगल निवासी कर्मचारी रिंकू शर्मा ने विज्ञापन संख्या 4-2018 में आवेदन किया था। इस नौकरी के लिए सरकार की तरफ से जारी किए गए विज्ञापन में 40 प्रतिशत दिव्यांग ही आवेदन कर सकते थे, लेकिन कर्मचारी रिंकू ने नियमों को अनदेखा कर आवेदन कर दिया। मामला सामने के बाद विभाग ने इसकी जांच नगर निगम आयुक्त यमुनानगर से करवाई।
कैथल जिला पालिका आयुक्त कार्यालय कैथल में कार्यरत बेलदार के गलत प्रमाण पत्र लगा नौकरी लेने के मामले में जांच के बाद बेलदार को बर्खास्त कर दिया गया है। नगर परिषद कार्यालय की तरफ से राजौंद के सौंगल गांव निवासी कर्मचारी रिंकू शर्मा को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया गया है। इसी पुष्टि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने की है। नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि रिंकू की ड्यूटी बेलदार के पद पर कार्यरत रिंकू की ड्यूटी जिला पालिका आयुक्त कार्यालय में थी। उन्होंने दिव्यांगता का गलत प्रमाण पत्र लगाते हुए यह नौकरी हासिल की। उच्चाधिकारियों के आदेशों के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
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यह था पूरा मामला
कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि गांव सौंगल निवासी कर्मचारी रिंकू शर्मा ने विज्ञापन संख्या 4-2018 में आवेदन किया था। इसमें दिव्यांग पात्रता 40 प्रतिशत होनी चाहिए थी, लेकिन रिंकू के पास केवल 30 प्रतिशत का प्रमाण पत्र था। इसके बाद वह पांच सितंबर 2019 में ड्यूटी पर कार्यरत हुआ। इस नौकरी के लिए सरकार की तरफ से जारी किए गए विज्ञापन में 40 प्रतिशत दिव्यांग ही आवेदन कर सकते थे, लेकिन कर्मचारी रिंकू ने नियमों को अनदेखा कर आवेदन कर दिया। मामला सामने के बाद विभाग ने इसकी जांच नगर निगम आयुक्त यमुनानगर से करवाई।
24 अगस्त 2023 को यह जांच शुरू हुई। 14 सितंबर 2023 को निगम ने अपनी रिपोर्ट पंचकूला स्थित मुख्यालय के उच्चाधिकारियों को दी। इसमें रिंकू सिंह को दोषी पाया गया। यह जांच यमुनानगर के आयुक्त आयुष सिन्हा की तरफ से की गई थी। इसके बाद ही विभाग के उच्चाधिकारियों ने नगर परिषद कैथल के कार्यकारी अधिकारी को कर्मचारी रिंकू की सेवाएं तुरंत प्रभाव से रद करने के आदेश दिए हैं।