परिवार के इकलौते चिराग की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने सुनाई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मामूली रंजिशन के कारण परिवार के इकलौते चिराग की हत्या के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मारे गए युवक के माता-पिता की भी मौत हो चुकी थी। वह अपनी मौसेरी-मां का इकलौता सहारा था।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदीप गोयल की अदालत ने वीरवार को दोषी दीपक निवासी कैलरम को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में कैलरम निवासी एक महिला के बयान पर केस दर्ज किया था। उसने बताया था कि 27 जून 2017 की शाम उसके घर पर गांव का ही एक व्यक्ति आया। उसने धमकी दी कि तुम्हारा लड़का सतनाम हमारी रिश्तेदारी की लड़की से फोन पर बात करता है, उसे समझा लेना। परंतु इसी शाम उलाहना देने गये व्यक्ति के पुत्र दीपक ने विधवा के 24 वर्षीय पुत्र सतनाम उर्फ सतनारायण का गांव के नजदीक तालाब किनारे रास्ता घेरकर मारपीट की गई। उसे उपचार के लिए कैथल लाया गया, वहां से रोहतक पीजीआई रेफर किए जाने के बाद उपचार के दौरान 5 जुलाई को सतनाम ने दम तोड़ दिया।
सतनाम की सगी माता के स्वर्गवास के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी की थी, परंतु उसकी मौसी को कोई बच्चा नहीं हुआ। इस बीच करीब 4 वर्ष पूर्व सतनाम के पिता की भी मौत हो चुकी थी तथा मौसी-बेटा इकट्ठे रहते थे। पुलिस द्वारा आरोपी दीपक 10 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया तथा जांच दौरान पुख्ता साक्ष्य एकत्र करने के बाद मामले का चालान तैयार कर अभियोग 30 अगस्त को न्यायालय के सुपुर्द कर दिया।