संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। भूमिगत जल के स्तर में लगातार हो रही गिरावट व नहरी पानी की कमी के चलते किसानों की ओर से अपनाई गई कपास की खेती भी गर्मी के प्रचंड प्रकोप की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है।
पिछले दो सप्ताह से सूर्य देव आग उगल रहे है। जिससे किसानों की हरे चारे की फसलें, कपास की फसलें, गर्मी का शिकार होकर आए दिन बढ़वार लेने की जगह मुरझा रही है। किसान धर्मपाल, रघुबीर सिंह, कर्ण सिंह, कृष्ण लाल, सेवा सिंह, तेजपाल ने बताया कि लगातार बढ़ रहे तापमान व गर्मी के चलते आए दिन फसलें प्रभावित हो
रही है।
यदि जल्द ही मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो किसानों की मेहनत काफी हद तक प्रभावित हो सकती है। आए दिन बढ़ रहे गर्मी के प्रकोप की वजह से चाहे कपास की फसल हो या हरे चारे की या फिर धान की पनीरी सभी गर्मी की भेंट चढकऱ सूखने लगी है।