कैथल। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, राशन और दवाओं की आसमान छूती कीमतों के विरोध में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इससे पूर्व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जवाहर पार्क में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। वहां से प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता पिहोवा चौक पर पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि आए दिन पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य सामान की कीमतों में भाजपा सरकार लगातार बढ़ोतरी कर रही है। गैस की कीमत दुनिया में सबसे महंगी, पेट्रोल और डीजल की महंगाई में विश्व में तीसरे और आठवें स्थान पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक अप्रैल से भारत की जनता पर कमरतोड़ मूल्य वृद्धि लाद दी है। पेट्रोल-डीजल के मूल्य में रोजाना वृद्धि का दैनिक गुड मॉर्निंग गिफ्ट जनता को मानसिक तनाव दे रहा है।
उन्होंने बताया कि मार्च में तेल का औसत मूल्य 112.87 डॉलर प्रति बैरल था, जो आठ अप्रैल को घटकर 97.59 डॉलर प्रति बैरल रह गया। फिर भी पेट्रोल और डीजल सस्ता करने के बजाय इसके मूल्य बढ़ाए जा रहे हैं। कच्चा तेल लगातार सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल का मूल्य देश में पिछले 18 दिनों में 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ गया है। भारत में रसोई गैस दुनिया में सबसे महंगी है। एक अप्रैल को कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के मूल्य में 250 रुपये प्रति सिलिंडर की बढ़ोतरी कर दी गई। सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलिंडर का मूल्य 22 मार्च को 50 रुपये बढ़ाया गया। उन्होंने मांग की है कि बढ़ती कीमतों पर तुरंत प्रभाव से अंकुश लगाएं और जनता को राहत दी जाए।
सुरजेवाला ने कहा कि सीएनजी आम नागरिकों, ऑटो, टैक्सी, बस, ट्रक व उन कार चालकों का ईंधन है, जो महंगे पेट्रोल और डीजल का खर्च नहीं उठा सकते। सात अप्रैल को एक महीने में नवीं बार सीएनजी के दाम बढ़ा दिए गए। एक महीने में सीएनजी 12.10 रुपये प्रति किलो ज्यादा महंगी हो गई है। करनाल व कैथल में सीएनजी 77.77 रुपये प्रति किलो मिल रही है। देश में 3247 हजार मीट्रिक टन सीएनजी का उपयोग हुआ है। इसके आधार पर साल 2021-22 में 3500 हजार मीट्रिक टन सीएनजी का उपयोग होने का अनुमान है। इस माह 12.10 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के साथ देश के नागरिकों पर 4235 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं पीएनजी के मूल्य में दिल्ली में पांच रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर और नोएडा में 5.85 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की वृद्धि कर दी गई। भारत में पीएनजी के 89 लाख कनेक्शन हैं। इसके आधार पर प्रतिमाह लोगों पर 961.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि 62 करोड़ किसानों को टैक्स के बोझ से लादा गया है। 50 किलो के डीएपी खाद के बैग का मूल्य 150 रुपये प्रति बैग बढ़ाकर इसे 1350 रुपये प्रति बैग तक पहुंचा दिया गया है। टोल टैक्स ने लोगों की जेब पर भार बढ़ाया है। टोल टैक्स 10 से 18 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। सुरजेवाला ने कहा कि नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने एक अप्रैल से लगभग 800 जरूरी दवाओं के मूल्यों में 10.76 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। आम दवाएं जैसे पैरासिटामॉल, बुखार की दवाएं, एजिथ्रोमाइसिन, सिप्रोफ्लोक्सेसिन, मेट्रोनिडोजोल एवं कोविड-19 केयर, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर एनीमिया त्वचा रोग की दवाएं, मिनरल्स और विटामिन सब महंगे हो गए हैं। उद्योग के अनुमान के अनुसार इससे आम लोगों की जेब पर 10 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। घर का सपना भारतीयों के लिए मृगतृष्णा बन गया है। घर बनाने की लागत में अप्रैल में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। स्टील, सीमेंट, ईटें, कॉपर, सैनिटरी फिटिंग और लकड़ी महंगे हो गए। इस अवसर पर सुदीप सुरजेवाला, पूर्व विधायक बूटा सिंह, सतबीर भाणा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्षा सुशीला शर्मा, रामनिवास मित्तल, रामचंद्र जडौला, सुरेंद्र रांझा, बहादुर सैनी, मोहन शर्मा क्योडक़, पीएल भारद्वाज, अश्विनी शोरेवाला व रामचंद्र गुर्जर मौजूद रहे।