संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लिपिक बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे दफ्तरों में कार्य प्रभावित रहा। शिक्षा, जनस्वास्थ्य, नगर परिषद, पंचायत व कृषि विभाग में हड़ताल का सबसे अधिक असर पड़ा। अपने कार्यों से सरकारी कार्यालय पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
जिले के सभी सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, निगम व बोर्डों के लगभग 600 लिपिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की। सुबह से नौ बजे ही सभी विभागों के लिपिक लघु सचिवालय में इकट्ठे हुए। इनकी मांग है कि उनका वेतनमान 19,400 से बढ़ाकर 35,400 किया जाए। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के जिला प्रधान राजेंद्र ढुल कुमार ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से चल रहे धरने व प्रदर्शन के बावजूद सरकार उनकी मांग को नजरंदाज कर रही हैं।
प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। प्रदेशभर के लिपिकों ने 18 जून को मुख्यमंत्री आवास को घेराव किया था। तब सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि चार जुलाई तक मुख्यमंत्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री ने चार जुलाई तक कोई बातचीत नहीं की।
इससे खफा होकर लिपिक वर्ग ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर राज्य कार्यकारिणी के सदस्य मनीष, राकेश धारीवाल, विकास चितारा, अजय आदि मौजूद रहे।
सरकार जल्द करे समाधान
नगर परिषद में अपना कार्य कराने आए महावीर, पवन, राममेहर, सुरेंद्र, दीपक ने कहा कि लिपिकों की हड़ताल के कारण उनका काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से लिपिकों की मांगों का जल्द समाधान करें, ताकि आमजन को परेशानी न हो।