कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने मॉक ड्रिल की। इस दौरान पोर्टेबल अस्पताल में कई ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं चले और एंबुलेंस में पीपी किट नहीं मिली। इस पर सिविल सर्जन ने अधिकारियों व स्टाफ से नाराजगी जताई।
मॉक ड्रिल के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने अस्पताल में कोरोना महामारी से बचाव के प्रबंध जांचे। अस्पताल में भीड़ अधिक होने के स्थिति में सिविल सर्जन ने मरीजों को मास्क लगाने का आह्वान किया। मॉक ड्रिल के दौरान केवल व्यवस्था की ही जांच की गई। कोई मरीज मॉक ड्रिल में शामिल नहीं था। मॉक ड्रिल करीब एक घंटे तक चली।
मॉक ड्रिल की शुरूआत एंबुलेंस में कोरोना मरीजों को लाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों की जांच से हुई।सिविल सर्जन ने एंबुलेंस के तकनीकी सहायक से एंबुलेंस में मौजूद ऑक्सीजन सिलिंडर की जांच की। यह सही पाया। एंबुलेंस में पीपी किट नहीं थी। इस पर पीपी किट रखने के लिए निर्देश किए। यहां सिविल सर्जन ऑक्सीजन प्लांट में पहुंचे। ऑक्सीजन प्लांट को कई महीनों के बाद शुरू किया गया। यह सही पाया गया।
इसके बाद अस्पताल की सभी स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर को पोर्टेबल अस्पताल में बुलाया गया। यहां पर लगे 65 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में से तीन कंसंट्रेटर नहीं चले। इसके बाद सिविल सर्जन ने कोविड लैब में जांच की। लैब तकनीशियनों से कोरोना सैंपलों को लेकर रिपोर्ट ली।
यहां से सिविल सर्जन प्रथम तल पर बनाए गए आईसीयू में पहुंचे। वहां बैठे मरीजों को मास्क लगाने को कहा। आईसीयू में नर्सिंग ऑफिसर से वेंटिलेटर चलाने को लेकर जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद सिविल सर्जन विशेष आइसोलेशन वार्ड में पहुंचे। यहां सांस लेने के लिए लगाए उपकरणों की जांच की। यह सही मिले। सिविल सर्जन ने प्रधान चिकित्सा के कार्यालय में कोविड के लिए बनाई गई टीम के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उपकरणों की चर्चा की। इस मौके पर प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले, डॉ. नीरज मंगला, डॉ. राजीव मित्तल, डॉ. शमशेर, नर्सिंग ऑफिसर गुरकिरण आदि मौजूद रहे।
केंद्र सरकार के आदेशों के तहत सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान सभी प्रबंध ठीक मिले। केवल पोर्टेबल अस्पताल में एक से दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं चल पाए थे। इन्हें जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। एंबुलेंस में पीपी किट नहीं थी। एंबुलेंस के प्रभारी को सभी एंबुलेंस में पीपी किट देने के निर्देश जारी किए हैं। - डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल