संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के पुराना बस स्टैंड पर बनने ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर का पिछले एक साल से बंद हुआ निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया है। पिछले साल ही निर्माण कार्य के कछुआ चाल से होने के चलते नगर परिषद की ओर से निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया गया था। इसके बाद यह एजेंसी का ठेकेदार पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में चला गया था। तभी से यह निर्माण कार्य बंद है।
अब नगर परिषद हाईकोर्ट में मामला होने के चलते नई एजेंसी को नहीं लगा सकती है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जाना है। वर्ष 2018 में पूर्व अध्यक्ष सहित 11 अधिकारियों पर निर्माण में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था।
इस परियोजना के तहत वर्ष 2014 में निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी, लेकिन अफसोस की बात है कि इस निर्माण 11 साल भी पूरा नहीं हो पाया है। इस परियोजना के तहत कभी निर्माण कार्य शुरू हो जाता है तो कभी बंद हो जाता है।
वर्तमान में भी इस परियोजना की स्थिति तो यह कि निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद है। यहीं नहीं एजेंसी के ब्लैक लिस्ट होने के एक साल बीत जाने के बावजूद नई एजेंसी को भी हायर नहीं किया जा सका है।
इसके प्रोजेक्ट पर अब तक 50 प्रतिशत तक कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। विदित रहे कि सिटी स्क्वॉयर में शहरवासियों को कई सुविधाएं मिलनी है। इसमें 30 बैंक एक साथ स्थापित हो सकेंगे। पांच मंजिला भवन का निर्माण सिटी स्क्वॉयर के तहत किया जाना है। इसके साथ ही यहां पर पार्किंग की सुविधा भी शहर के लोगों दी जानी है।
अभी भी निर्माण कार्य है बंद ः पुराना बस अड्डा पर ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर सिटी स्क्वॉयर निर्माण रोकने पर निर्माण करने वाली एजेंसी को करीब एक साल पहले ही नगर परिषद ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। नगर परिषद ने एजेंसी पर साढ़े पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के बाद कई बार नोटिस भी दिया था। यह नोटिस देने के बावजूद निर्माण को लेकर कोई बात नहीं बनी।
पिछले 10 सालों से अधूरा
शहर की ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बावजूद सिटी स्क्वॉयर का निर्माण कार्य पूरा न होना सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया है। यह सरकार की एक बड़ी विफलता है। क्योंकि इसका निर्माण कार्य पिछले 10 साल से पूरा नहीं हो पाया है। दूसरा यह है सीएम फ्लाइंग के माध्यम से भ्रष्टाचार के आरोप में ठेकेदार सहित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस पर भी आगामी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब उम्मीद है नई सरकार आएगी तो इस परियोजना को पूरा करेगी। -मोहन शर्मा, पार्षद वार्ड-28 व कांग्रेस नेता, कैथल।
पुराना बस अड्डा पर बनने वाले सिटी स्क्वॉयर निर्माण पर संबंधित एजेंसी का ठेकेदार पिछले लंबे समय निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा था। इसके बाद उसकी एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया गया है। अभी यह पूरा मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में कोर्ट की रोक के चलते ही नई एजेंसी को हायर नहीं किया जा सकता है। - सुरभि गर्ग, अध्यक्ष, नगर परिषद।