कैथल। गेहूं के कम उत्पादन की मार इस बार केवल किसानों पर ही नहीं पड़ी है। आढ़तियों और मार्केटिंग बोर्ड की आय पर भी इसका असर पड़ा है। अकेले कैथल शहर की अनाज मंडी में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग चार लाख क्विंटल कम गेहूं पहुंचने का अनुमान है। इससे मार्केट कमेटी को तीन करोड़ रुपये से अधिक की मार्केट फीस का नुकसान हो सकता है।
मार्केटिंग बोर्ड की ओर से गेहूं की बिक्री पर चार प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। इसमें दो प्रतिशत मार्केट फीस और दो प्रतिशत एचआरडीएफ लिया जाता है। इस तरह प्रति क्विंटल चार प्रतिशत टैक्स मार्केट कमेटी में जमा होता है। पिछले वर्ष 16 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद मार्केटिंग बोर्ड के माध्यम से हुई थी। इस बार अब तक 11 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। अधिकारी संभावना जता रहे हैं कि करीब एक लाख क्विंटल या इससे कुछ अधिक गेहूं ही और आ सकता है। इस हिसाब से लगभग चार लाख क्विंटल गेहूं पिछले साल के मुकाबले कम पहुंचेगा। मार्केटिंग बोर्ड को इससे तीन करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होगा।
मार्केट कमेटी के सचिव सतबीर राविश ने कहा कि इस बार कम उत्पादन के कारण आवक कम है। अब तक 11 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इस बार लगभग तीन से चार लाख क्विंटल कम आवक रह सकती है।
दूसरी ओर डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि रविवार तक जिले में चार लाख 20 हजार 12 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। इसमें एक लाख चार हजार 132 एमटी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एक लाख 67 हजार 85 एमटी हैफेड, 90 हजार 709 एमटी भारतीय खाद्य निगम और 58 हजार 86 एमटी गेहूं हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने खरीदा है। उन्होंने बताया कि खरीद में से अब तक दो लाख 43 हजार 875 एमटी गेहूं का उठान किया जा चुका है।