कैथल। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले में सोमवार को विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। इसके तहत सरकारी कार्यालयों में टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने के बाद ही अफसरों और कर्मियों को प्रवेश दिया गया। यहां तक कि डीसी और एसपी ने भी प्रमाणपत्र दिखाए और लोगों से टीकाकरण कराने की अपील की। इस दौरान जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीकाकरण नहीं कराया था, उन्हें मौके पर ही वैक्सीन लगाई गई। अभियान के तहत एक दिन में 26 हजार 787 लोगों का टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही जिले में टीकाकरण कराने वालों की संख्या 11 लाख के पार हो गई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में सोमवार को 186 टीमों ने टीकाकरण किया। लघु सचिवालय, जिला अस्पताल, बस अड्डा, नगर परिषद कैथल, सभी ब्लॉकों में बीडीपीओ कार्यालयों, नगर पालिका व अन्य कार्यालयों में अभियान का असर दिखा, जहां बिना टीका लगवाने वाले लोगों की जांच कर मौके पर ही टीके लगाए गए। कार्यालयों में ऐसे सरकारी कर्मचारियों को प्रवेश नहीं दिया गया, जिनके पास टीका न लगवाए जाने का कोई उचित कारण नहीं था। अनेकों कर्मचारियों ने मौके पर ही टीके लगवाकर कार्यालयों में प्रवेश किया। स्वयं डीसी व एसपी भी अपना प्रमाण पत्र दिखाकर अंदर गए। इसके लिए लघु सचिवालय में सोमवार की सुबह चारों ओर से बैरिकेड्स लगाए गए थे और प्रवेश व निकासी के लिए एक ही रास्ता रखा गया।
यहां पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति के टीकाकरण प्रमाण पत्र की जांच की गई। इस दौरान कुछ लोगों ने जबरन टीकाकरण का विरोध भी किया। किसान यूनियन के रणदीप आर्य सहित अन्य लोगों ने इसे स्वैच्छिक बताकर जबरदस्ती न करने की बात कही। वहीं कई लोग अपने स्वास्थ्य संबंधी कारण भी बताने लगे, लेकिन अधिकतर लोगों को प्रमाण पत्र के साथ ही प्रवेश दिया गया। जिस कारण दोपहर तक लघु सचिवालय में आम दिनों के मुकाबले कम लोग दिखाई दिए। इसी प्रकार से नगर परिषद व जिला अस्पताल में भी प्रवेश द्वारों पर लोगों के टीकाकरण प्रमाण पत्र जांचे गए।