Bus made a night shelter, relief to needy passengers
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कैथल। कड़ाके की ठंड के बीच अब यात्रियों को बस अड्डे पर आशियाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिला प्रशासन ने यात्रियों के लिए बस अड्डे पर रैन बसेरा बना दिया है। इसके लिए कंडम घोषित हो चुकी बस में से सीटें हटवाकर इसमें दस बिस्तर लगा दिए गए हैं। इस पर रैन बसेरे का बैनर लगाकर बस अड्डा परिसर के अंदर ही खड़ा कर दिया है। ताकि यदि किसी यात्री को रात को ठहरना हो तो उसे करीब चार से पांच किलोमीटर दूर स्थित रैन बसेरे तक जाने की आवश्यकता न पड़े।
इस समय सिरटा रोड पर स्थित महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक केंद्र में नगर परिषद द्वारा तीन मंजिला रैन बसेरे का भवन बनाया है। जिसमें बिस्तर से लेकर कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन यह रैन बसेरा बस अड्डे व रेलवे स्टेशन से कई किलोमीटर दूर है। जिस कारण रात को जरूरत पड़ने पर लोगों को काफी दूर तक जाना पड़ता है। यात्रियों की सुविधा के लिए एक कंडम बस को रैन बसेरे के रूप में तब्दील किया है। इस बस में बिस्तर, रजाई व अन्य सुविधाओं का इंतजाम कर दिया गया है। यह बस, बस स्टैंड परिसर में ऑटो स्टैंड के नजदीक खड़ी है। इससे रात के समय यात्रियों व अन्य जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचने के लिए आश्रय मिलेगा। यहां कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि डीसी प्रदीप दहिया के निर्देश पर रोडवेज के सहयोग से एक कंडम में अस्थाई रैन बसेरा बनाया है। रात के समय जरूरतमंद यात्री इस अस्थायी रैन बसेरे में विश्राम कर सकेंगे। बस में बिस्तर, तकिया व अन्य व्यवस्थाओं का इंतजाम किया है।
उल्लेखनीय है कि शहर का स्थायी रैन बसेरा महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक केंद्र में है। जहां एक समय में करीब 50 लोग रह सकते हैं। यहां रसोई, शौचालय सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। पिछले सप्ताह डीसी प्रदीप दहिया ने इस रैन बसेरे का दौरा करके व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। साथ ही अधिकारियों को यहां हर संभव सुविधा बनाए रखने के निर्देश दिए थे।