कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला कैथल की अनाज मंडी पहुंचे। वहां धान लेकर आए किसान, मजदूर व आढ़तियों से मिल उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने भाजपा-जजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
बाद में पत्रकार वार्ता में सुरजेवाला ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर किसान-मजदूर विरोधी व निर्दयी होने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने कहा कि आए दिन नए-नए तरीके से किसान के पेट पर लात मारना सरकार की फितरत बन गई है। हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 25 सितंबर से शुरू होनी थी। इस बारे सरकारी पत्र भी जारी कर दिया गया। 10 दिन बीत जाने के बाद भी धान की सरकारी खरीद नहीं हुई। बाद में खरीद का समय 11 अक्टूबर कर दिया। सरकार के इस फैसले का किसानों और कांग्रेस ने विरोध किया। विरोध के चलते सरकार को झुकना पड़ा। और धान की खरीद 03 अक्टूबर से करने के निर्णय की घोषणा की। भाजपा-जजपा सरकार धान व बाजरा उगाने वाले किसान से धोखा कर रही है। हरियाणा में धान में नमी की मात्रा 22.3 प्रतिशत तक है। सरकार ने 17 प्रतिशत नमी से अधिक होने पर धान खरीद नहीं करने की बात कही है। ऐसे में धान या बाजरे की खरीद कैसे होगी, क्योंकि सरकार खुद मानती है कि हरियाणा के धान में नमी की मात्रा तो 22.7 प्रतिशत है। मंडियों में 20 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में पड़ा है।
सुरजेवाला ने भाजपा से मांग करते हुए कहा कि धान व बाजरा की एमएसपी पर सरकारी खरीद 25 प्रतिशत की नमी की छूट से शुरू की जाए। इस अवसर पर सुदीप सुरजेवाला, नई मंडी के प्रधान श्याम लाल गर्ग, जिला मंडी प्रधान अश्विनी शोरेवाला, पुरानी अनाज मंडी प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया, नगर परिषद के पूर्व प्रधान रामनिवास मित्तल, तरसेम गोयल, लेबर यूनियन प्रधान बीरभान, जयकिशन मान, मोहन लाल खुरानिया व देशराज बंसल मौजूद थे।