विस चुनाव से पहले जिप में भाजपा और जजपा की जोरआजमाइश शुरू
भाजपा समर्थित पार्षदों की मांग पर 19 जुलाई को सदन की बैठक निर्धारित
जजपा समर्थित अध्यक्ष पर लगाए गए हैं भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की हो रही मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद सदन की बैठक की तिथि निर्धारित होने के बाद अब भाजपा और जजपा समर्थित पार्षदों की जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है। भाजपा समर्थित पार्षदों ने आगामी बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष दीपक मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी कर ली है। इसके लिए डीसी ने 19 जुलाई की बैठक को भी हरी झंडी दे दी है। अब देखना होगा कि विस चुनाव से पहले जिला परिषद की सियासत किस करवट बैठती है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और जजपा का गठबंधन टूट गया था। इससे पहले जिला परिषद में भी दोनों पार्टियों का गठबंधन था। जजपा के कोटे से दीपक मलिक को अध्यक्ष और भाजपा के कोटे से कर्मबीर कौल को उपाध्यक्ष बनाया गया था। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद 25 जून को ही सदन की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन यह बैठक अंतिम समय में स्थगित कर दी गई। कारण कि जिला परिषद के सीईओ आकस्मिक अवकाश पर चले गए। इस दौरान जिला परिषद के सभी 21 पार्षद बैठक के लिए पहुंचे थे, लेकिन जजपा और भाजपा समर्थित पार्षदों ने अलग-अलग गुट बनाकर मीडिया से बातचीत की थी। उस दौरान उपाध्यक्ष ने अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला परिषद में भ्रष्टाचार के कई मामले आ चुके हैं। इसमें करीब सात करोड़ रुपये का सफाई घोटाला मुख्य है। इसके साथ ही जिला परिषद में खरीदे गए सामान में भी भ्रष्टाचार की शिकायत दी गई है। उपाध्यक्ष सहित अन्य भाजपा समर्थित पार्षद जिप में आए सामान की खरीद-फरोख्त की जांच की मांग कर रहे हैं। उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल ने जिला परिषद में सफाई व सामान तथा शहीदों की प्रतिमाएं लगाने में भी भ्रष्टाचार का अंदेशा जताया था। पार्षदों ने उस समय आरोप लगाया था कि अब तक 52 जगहों पर शहीदों की प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार हुआ है। यह भी आरोप लगाया गया था कि गांव में लगाए गए वाटर कूलर, वाटर टैंक व ई-रिक्शा की खरीद को लेकर भी ज्यादा बिल बनाया।
इस संबंध में जिला परिषद के भाजपा समर्थित पार्षदों ने शुक्रवार को डीसी प्रशांत पंवार से मुलाकात की थी। साथ ही अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए सदन की बैठक आयोजित करवाने की मांग रखी थी। इसके बाद शाम के समय डीसी ने आगामी 19 जुलाई को दोपहर तीन बजे से जिला परिषद की सदन की बैठक आयोजित करने का पत्र जारी कर दिया है।
अब जजपा और भाजपा समर्थित पार्षद अलग-अलग गुट में सैर पर निकले
जिला परिषद के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला परिषद की सदन की बैठक की तिथि घोषित होने के बाद जजपा और भाजपा समर्थित पार्षद अपने-अपने गुट के साथ पहाड़ों की सैर पर निकल गए हैं। दोनों ही गुटों की ओर से पार्षदों को अपने पक्ष में लाने के लिए जोड़ तोड़ शुरू हो गई है। अब 19 जुलाई को ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि जजपा समर्थित अध्यक्ष दीपक मलिक की कुर्सी बचेगी या फिर कोई नया अध्यक्ष चुना जाएगा।