कैथल। बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने वीरवार से हड़ताल शुरू कर दी है। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन वीरवार को जिले में 12 बैंकों की 125 से ज्यादा शाखाएं बंद रहीं। इस दौरान बैंक कर्मियों व अफसरों ने कामकाज ठप रखा। जिस वजह से बैंकों में करीब 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंकों के कर्मचारी सुबह ही विभिन्न बैंकों के गेट पर ताले जड़कर अंबाला रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के बाहर एकत्रित हो गए। कर्मचारियों ने वहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। हड़ताल में शामिल कुलदीप धारीवाल, रामदास सौदा, अमित, पुष्पेंद्र, प्रवेश मोर, सुमन, नेहा शर्मा, वीनू व कृष्णा ठकराल ने बताया कि सरकार द्वारा बैंकों का लगातार निजीकरण किया जा रहा है। इसके विरोध में कर्मचारियों ने दो दिन तक हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। वीरवार को हड़ताल शुरू की है, जो 17 नवंबर को भी जारी रहेगी। उन्होंने मांग की कि सरकार निजीकरण के फैसले को जल्द से जल्द वापस ले। बैंकों की हड़ताल के चलते पहले ही दिन करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंकों के सामने चस्पाए गए हड़ताल के नोटिस
हड़ताल के लिए अंबाला रोड पर पहुंचे बैंक कर्मियों ने पहले ही बैंकों के सामने हड़ताल से संबंधित नोटिस लगा दिए थे। हड़ताल में पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया व बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मुख्य और अन्य शाखाओं के कर्मचारी शामिल हुए।
लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) विनोद कुमार ने बताया कि बैंकों की हड़ताल के चलते लोगों को नकदी को लेकर किसी प्रकार कि दिक्कत न हो, इसके लिए सभी एटीएम में नकदी डाली गई है। इस दौरान बैंक उपभोक्ता एटीएम से कार्ड के जरिये नकदी निकलवा सकते हैं। इसके अलावा बैंक मित्रों से जरूरत के अनुसार नकदी का लेनदेन किया जा सकता है।