हरियाणा के कैथल जिले के छोटे से गांव नरड़ निवासी गुरमेल का नाम इस समय अब मुंबई में गूंज रहा है, लेकिन यह गूंज खुशियों की नहीं, बल्कि एक खौफनाक कहानी की है। शनिवार रात को एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में शामिल आरोपी थोड़े से समय में ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया है।
इस घटना ने हरियाणा की सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है, क्योंकि यह मामला दिखाता है कि कैसे एक साधारण अपराधी अचानक एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है।
गुरमेल का यह है आपराधिक इतिहास
गुरमेल का नाम 2019 में उस वक्त सुर्खियों में आया जब उसने अपने गांव नरड़ में सुनील नाम के युवक की हत्या कर दी थी। 31 मई 2019 को, उसने कैथल के रुद्री मंदिर के पास अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक की बर्फ के सुए से 52 वार करके हत्या की थी। इस घटना के बाद वह जेल गया, जहां उसने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों से संपर्क किया। जमानत पर बाहर आने के बाद वह मुंबई चला गया, जहां उसकी आपराधिक गतिविधियों में तेजी आई।
हरियाणा पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गुरमेल जेल में रहते हुए लॉरेंस गैंग के अन्य सदस्यों से भी संपर्क में आया था। उसके बाद जब वह जमानत पर बाहर आया तो उसे लॉरेंस गैंग के गुर्गों ने मुंबई बुलाया। इस तरह वह धीरे-धीरे इस खतरनाक नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
गुरमेल और करनैल का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरमेल ने अपने साथी करनैल के साथ मिलकर बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर की रेकी की थी। करनैल, जो पिछले डेढ़ से दो महीने से मुंबई में था, बाबा सिद्दीकी पर नजर रख रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, करनैल के माता-पिता की मौत हो चुकी है और वह करीब 6 महीने पहले गांव आया था, लेकिन उसके बाद से वह फिर नहीं लौटा। यह इस बात को दर्शाता है कि कैसे छोटे गांवों के युवक अपराध की दुनिया में खींचे जा रहे हैं।
हरियाणा पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने गुरमेल और करनैल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम बनाई है। सूत्रों का कहना है कि इस तरह के मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।