कैथल। पुरानी अनाज मंडी में डीएफएससी की खरीद के बाद उठान न होने पर आढ़तियों ने बुधवार को नारेबाजी की। प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया के प्रतिष्ठान के बाहर एकत्रित होकर आढ़तियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने कहा कि मंडी में मंगलवार रात को ट्रकों में गेहूं लोड कर लिया गया। इसके बाद रात को इंकार कर दिया गया कि विशेष ट्रेन में अब जगह नहीं बची है। जिस कारण रात भर ट्रक ड्राइवर उन्हें ट्रक खाली करवाने को कहते रहे। ट्रक ड्राइवर ट्रक खाली न होने की सूरत में डबल किराया देने की मांग करने लगे। इसके बाद डीएफएससी को सूचित किया गया। इसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसी कारण गुस्साए आढ़तियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद किसी तरह से वे ट्रक खाली करवाए गए। तब जाकर आढ़तियों को राहत की सांस मिली है। उन्होंने कहा कि मंडी में उठान कार्य न के बराबर है। इसी कारण उठान होने तक डीएफएससी विभाग के लिए गेहूं की खरीद कार्य को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
उधर, नई अनाज मंडी में गेहूं उठान के लिए स्लिप देने के लिए बने काउंटर पर आढ़तियों में विवाद हो गया। आपस में आढ़ती एक दूसरे को कोसते हुए नजर आए। इसके लिए एक वीडियो भी वायरल हो गया। बाद में दूसरे आढ़तियों ने विवाद कर रहे आढ़तियों को समझा-बुझाकर शांत किया।
जिले में हुई 2 लाख 66 हजार 72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद-मंगलवार तक थ्जले में 2 लाख 66 हजार 72 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि जिला में गेहूं की आवक में से 65 हजार 89 मीट्रिक टन गेहूं खाद्य एंव आपूर्ति विभाग द्वारा, 1 लाख 2 हजार 76 हैफेड द्वारा, 56 हजार 865 मीट्रिक टन भारतीय खाद्य निगम द्वारा तथा 42 हजार 42 मीट्रिक टन गेहूं हरियाणा वेयरहाउसिंग कोर्पोरेशन द्वारा खरीदा गया है।