Haryana: अंजू भाल हरियाणा सिविल परीक्षा पास कर बनीं उपमंडल की पहली एचसीएस, पढ़िए सफलता की कहानी
Wed, 11 Oct 2023 10:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह
निशीकांत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, कलायत, कैथल (हरियाणा)
सार
अंजू भाल सिविल परीक्षा पास कर कलायत उपमंडल की पहली एचसीएस बनी हैं। अंजू के पिता सुनील भाल सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर उपमंडल के चौशाला गांव की अंजू भाल ने सिविल परीक्षा पास कर परिजनों को नायब तोहफा दिया। इस सफलता के साथ उसने कलायत उपमंडल की पहली एचसीएस होने का गौरव प्राप्त किया है।
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अंजू के पिता सुनील कुमार ने बताया कि उनकी एक बेटी और एक बेटा है। बेटा छोटा है और मात्र 21 वर्ष की आयु में उसका चयन भारतीय सेना में बतौर लेफ्निेंट हो चुका है। उसकी ट्रेनिंग देहरादून में चल रही है। इत्तफाक है कि अंजू को जिस दिन सफलता मिली, वह दिन अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस को समर्पित है।
एचसीएस में चयनित अंजू ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा कलायत के एमडीएन स्कूल से हुई। एमडीएन स्कूल कलायत से नान मेडिकल में 12वीं पास करने के बाद उसका दाखिला दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाऊस बीएससी फिजिक्स आनर्स में वर्ष 2017 में हो गया। 2020 में पास आउट होने के बाद उसने एसएसएम कॉलेज कलायत कलायत में बीएड में दाखिला लिया और पढ़ने के साथ पढ़ाना भी शुरू कर दिया। साथ ही घर पर ही रह कर यूपीएससी की तैयारियां भी शुरू कर दीं।
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उन्हें बड़ी खुशी है कि पिता और माता के आशीर्वाद से उन्होंने अपने ही स्तर पर यह परीक्षा पास की। उन्होंने बताया कि जब वे मिरांडा हाऊस कालेज से बीएससी आनर्स कर रहीं थी उस समय उनके कॉलेज में वर्ष 2014 के लिए यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी और कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियर इरा सिंघल से मिलने व उसे सुनने का मौका मिला।
उन्होंने उसी दिन ठान लिया की वे इरा सिंघल का अनुसरण करके प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश करेंगी। सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाली पहली दिव्यांग महिला सिंघल ने अपने चौथे प्रयास में परीक्षा में टॉप किया पर उनका अनुसरण कर वे पहली बार में ही परीक्षा पास कर गईं।