संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खुराना गांव में बनी चार गांवों की प्राथमिक कृषि सहकारी समिति वीरवार को किसानों के आक्रोश का केंद्र बन गई। दोपहर बाद गुस्साए किसानों ने समिति के गेट पर ताला जड़ दिया और बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
उनका आरोप था कि समिति की लापरवाही के कारण उन्हें समय पर खाद और यूरिया उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे उनकी फसलें खराब होने के कगार पर हैं। बाद में अफसरों के आश्वासन पर किसान मान गए।
प्रदर्शनकारी किसान ओमप्रकाश, राजेश, कृष्ण, गुलाब सिंह, सुभाष और राजकुमार ने बताया कि खुराना समिति से खुराना, खानपुर, डोहर और कवारतन गांवों के हजारों किसान खाद व यूरिया की सप्लाई लेते हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों से किसानों को समय पर यह सुविधा नहीं मिल रही है। नाराज किसानों ने कहा कि मौजूदा सीजन में भी उन्हें खेतों के लिए खाद व यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन समिति के पास उपलब्धता न होने के कारण वे परेशान हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले समिति के कुछ कर्मचारियों ने करीब 28 से 30 लाख रुपये का घोटाला किया था। किसानों से खाद के नाम पर पैसे तो वसूल लिए गए, लेकिन उन्हें बैंक में जमा नहीं करवाया गया। इसके चलते समिति की ओर से बैंक को भुगतान न हो पाने की वजह से यहां खाद की सप्लाई रुक गई।
नाराज किसानों का यह भी कहना था कि इस गड़बड़ी की सजा अब हजारों किसानों को भुगतनी पड़ रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। खोल दिया और स्थिति सामान्य हुई।
को-ऑपरेटिव बैंक के जीएम ने किसानों को समझाया
विरोध की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुचे को-ऑपरेटिव बैंक के जीएम खुराना ने नाराज किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जैसे ही खाद आएगा, उसे तुरंत समिति में भिजवाकर सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। आश्वासन के बाद किसानों ने ताला खोला।
16 कैथल। खुराना गांव में सोसायटी में किसानों की ओर से लगाया गया ताला। संवाद